Parrot Fever
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Parrot Fever
Parrot Fever:क्या आपने कभी सोचा है कि प्यारा सा तोता भी एक गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है? जी हाँ, इस बीमारी को Parrot Fever यानी Psittacosis कहते हैं। यह एक दुर्लभ लेकिन खतरनाक बैक्टीरियल संक्रमण है जो पक्षियों से इंसानों में फैलता है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।
Parrot Fever को वैज्ञानिक भाषा में साइटाकोसिस (Psittacosis) कहते हैं। यह बीमारी Chlamydia psittaci नामक बैक्टीरिया के कारण होती है। आमतौर पर यह बैक्टीरिया तोते (parrots), कबूतर, मैना, चिड़िया आदि पक्षियों में पाया जाता है और इनके संपर्क में आने से इंसानों को संक्रमण हो सकता है।
यह बीमारी मुख्य रूप से तब फैलती है जब:
आप संक्रमित पक्षियों के पंख, मल या थूक के संपर्क में आते हैं।
पक्षी के पिंजरे की सफाई करते समय सांस के जरिए बैक्टीरिया शरीर में चला जाता है।
कभी-कभी संक्रमित पक्षी को हाथ से छूने या चूमने पर भी यह संक्रमण हो सकता है।
Parrot Fever के लक्षण फ्लू जैसे ही होते हैं, लेकिन ये धीरे-धीरे गंभीर हो सकते हैं:
तेज बुखार और ठंड लगना
सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द
खांसी और सांस लेने में दिक्कत
थकावट और कमजोरी
कभी-कभी फेफड़ों में संक्रमण (Pneumonia)
लक्षण संक्रमण के 5 से 14 दिन के भीतर दिख सकते हैं।
इसका पता ब्लड टेस्ट, एक्स-रे और स्पुटम जांच से लगाया जाता है।
इलाज में मुख्य रूप से एंटीबायोटिक्स (जैसे Doxycycline या Azithromycin) दी जाती हैं।
समय रहते इलाज न करने पर यह फेफड़ों में सूजन या ब्रेन इंफेक्शन का कारण बन सकती है।
संक्रमित पक्षियों से दूरी रखें।
पक्षियों के पिंजरे की सफाई करते समय मास्क और ग्लव्स पहनें।
पक्षियों को अच्छे से साफ-सुथरे वातावरण में रखें।
बीमार पक्षियों का तुरंत इलाज करवाएं।
पक्षियों को घर में पालने से पहले उनकी सेहत की जांच ज़रूर करवाएं।
Parrot Fever एक गंभीर बीमारी हो सकती है, लेकिन अगर सावधानी बरती जाए तो इससे बचा जा सकता है। पक्षियों से प्यार करना गलत नहीं, लेकिन उनकी और अपनी सेहत का ध्यान रखना जरूरी है।
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