Parrot Care
Parrot Care in Rainy Season: मानसून का मौसम इंसानों के साथ-साथ पालतू पक्षियों के लिए भी कई चुनौतियां लेकर आता है। बारिश के दौरान हवा में नमी बढ़ जाती है, जिससे बैक्टीरिया, फंगस और वायरस तेजी से पनपते हैं। ऐसे में यदि तोते की सही देखभाल न की जाए, तो उसे सांस संबंधी संक्रमण, पाचन संबंधी समस्याएं और त्वचा या पंखों से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं। इसलिए बारिश के मौसम में तोते की विशेष देखभाल करना बेहद जरूरी है।
बारिश के मौसम में तोते की देखभाल क्यों जरूरी है?
बरसात में वातावरण में नमी अधिक होने के कारण पिंजरे, दाना और पानी जल्दी दूषित हो सकते हैं। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। खासतौर पर छोटे, बूढ़े और पहले से बीमार तोते इस मौसम में जल्दी प्रभावित होते हैं।
1. पिंजरे को सूखा और साफ रखें
बारिश के दौरान पिंजरे में नमी बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। गीला पिंजरा बैक्टीरिया और फंगस के बढ़ने के लिए अनुकूल वातावरण बनाता है।
क्या करें?
- पिंजरे को ऐसी जगह रखें जहां बारिश का पानी न पहुंचे।
- रोजाना पिंजरे की ट्रे और बैठने वाली डंडियों (Perches) की सफाई करें।
- सप्ताह में एक बार पक्षियों के लिए सुरक्षित डिसइन्फेक्टेंट से सफाई करें।
- गीले अखबार या बिछावन को तुरंत बदल दें।
2. ताजा भोजन ही दें
बारिश में फल, सब्जियां और दाना जल्दी खराब हो सकते हैं।
ध्यान रखें
- सुबह और शाम ताजा भोजन दें।
- 2–3 घंटे बाद बचा हुआ फल और सब्जियां हटा दें।
- फफूंद लगे दाने कभी न खिलाएं।
- संतुलित आहार में बाजरा, सूरजमुखी के बीज (सीमित मात्रा में), हरी सब्जियां और अंकुरित अनाज शामिल करें।
3. साफ पानी उपलब्ध कराएं
नमी के कारण पानी भी जल्दी दूषित हो सकता है।
- दिन में कम से कम दो बार पानी बदलें।
- पानी के बर्तन को रोज अच्छी तरह धोएं।
- हमेशा स्वच्छ और ताजा पानी ही दें।
4. ठंडी हवा और तेज बारिश से बचाएं
बारिश के दौरान तेज हवा और तापमान में अचानक बदलाव तोते को बीमार कर सकता है।
- पिंजरे को खिड़की या दरवाजे के सामने न रखें।
- सीधी ठंडी हवा से बचाएं।
- कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन जरूर रखें।
5. नहलाने में सावधानी बरतें
हर दिन तोते को नहलाने की जरूरत नहीं होती।
- केवल हल्के गर्म और साफ मौसम में ही नहलाएं।
- नहलाने के बाद पंख पूरी तरह सूखने दें।
- यदि मौसम लगातार ठंडा और नम हो, तो नहलाने से बचें।
6. फंगल और सांस की बीमारी के लक्षण पहचानें
बारिश में इन लक्षणों को कभी नजरअंदाज न करें।
- बार-बार छींक आना
- मुंह खोलकर सांस लेना
- सांस लेते समय आवाज आना
- सुस्ती
- भूख कम लगना
- आंख या नाक से स्राव निकलना
ऐसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत पक्षी चिकित्सक से संपर्क करें।
7. मच्छरों और कीड़ों से बचाव करें
बारिश में मच्छर और अन्य कीड़े बढ़ जाते हैं।
- पिंजरे के आसपास सफाई रखें।
- पानी जमा न होने दें।
- पक्षियों के पास तेज केमिकल वाले मच्छर भगाने वाले उत्पाद इस्तेमाल न करें।
8. तनाव कम रखें
बारिश के दौरान तेज आवाज, बिजली की गड़गड़ाहट और मौसम में बदलाव से तोता तनाव महसूस कर सकता है।
- उससे रोज बात करें।
- उसके पसंदीदा खिलौने पिंजरे में रखें।
- पर्याप्त आराम करने दें।
क्या न करें?
- गीला या फफूंद लगा दाना न खिलाएं।
- बारिश में पिंजरे को खुले में न रखें।
- बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक दवा न दें।
- गंदे पानी का उपयोग न करें।
- नमी वाले कमरे में लंबे समय तक पिंजरा न रखें।
डॉक्टर की सलाह कब लें?
यदि तोते में निम्न में से कोई भी लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत पक्षी विशेषज्ञ (Avian Veterinarian) से जांच कराएं।
- लगातार मुंह खोलकर सांस लेना
- खाना बंद कर देना
- तेजी से वजन घटना
- लगातार दस्त
- आंख या नाक से स्राव
- अत्यधिक सुस्ती
बारिश का मौसम तोते के लिए संवेदनशील समय होता है। इस दौरान साफ-सफाई, सूखा वातावरण, ताजा भोजन, स्वच्छ पानी और नियमित निगरानी से अधिकांश बीमारियों से बचाव किया जा सकता है। यदि किसी भी प्रकार के असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो घरेलू उपचार करने के बजाय जल्द से जल्द पक्षी विशेषज्ञ से सलाह लें।