Aquarium Fish
Why Aquarium Fish Die: घर में एक्वेरियम रखना काफी लोगों को पसंद होता है। रंग-बिरंगी मछलियां घर की खूबसूरती बढ़ाने के साथ-साथ देखने में भी बेहद आकर्षक लगती हैं। लेकिन कई बार लोग शिकायत करते हैं कि एक्वेरियम में मछलियां कुछ दिनों या हफ्तों बाद बार-बार मरने लगती हैं। इसकी वजह हमेशा कोई बीमारी नहीं होती। पानी की खराब गुणवत्ता, गलत डाइट, ऑक्सीजन की कमी और एक्वेरियम की गलत देखभाल भी इसके पीछे बड़ी वजह हो सकती है।अगर आपके एक्वेरियम में भी मछलियां बार-बार मर रही हैं, तो इन 7 कारणों पर जरूर ध्यान दें।
1. पानी की क्वालिटी खराब होना
मछलियों के स्वस्थ रहने के लिए साफ और सही पैरामीटर वाला पानी बेहद जरूरी है। एक्वेरियम में मछलियों की बीट और बचा हुआ खाना टूटने से अमोनिया और नाइट्राइट जैसे हानिकारक पदार्थ बन सकते हैं।अगर इनका स्तर बढ़ जाए तो मछलियों को परेशानी हो सकती है और गंभीर स्थिति में उनकी मौत भी हो सकती है। इसलिए एक्वेरियम के पानी की नियमित जांच करना जरूरी है।
2. पानी में ऑक्सीजन की कमी
मछलियों को सांस लेने के लिए पानी में घुली हुई ऑक्सीजन की जरूरत होती है। अगर पानी में ऑक्सीजन कम हो जाए तो मछलियां बार-बार पानी की सतह पर आती हुई दिखाई दे सकती हैं।एक्वेरियम में जरूरत के अनुसार एयर पंप, एयर स्टोन या उचित फिल्ट्रेशन सिस्टम का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, ऑक्सीजन की जरूरत मछलियों की संख्या और एक्वेरियम के आकार पर भी निर्भर करती है।
3. जरूरत से ज्यादा मछलियां रखना
छोटे एक्वेरियम में बहुत ज्यादा मछलियां रखना भी बड़ी गलती है। ज्यादा मछलियों का मतलब पानी में ज्यादा अपशिष्ट और ऑक्सीजन की ज्यादा जरूरत।ओवरस्टॉकिंग के कारण पानी की गुणवत्ता तेजी से खराब हो सकती है और मछलियों के बीच तनाव तथा बीमारी का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए एक्वेरियम के आकार और मछलियों की प्रजाति के हिसाब से ही उनकी संख्या तय करें।
4. जरूरत से ज्यादा खाना देना
कई लोग मछलियों को बार-बार खाना खिलाते हैं, लेकिन बचा हुआ खाना पानी में सड़ने लगता है। इससे पानी की गुणवत्ता खराब हो सकती है और अमोनिया बढ़ सकता है।मछलियों को उतना ही भोजन दें जितना वे थोड़े समय में खा सकें। अगर खाना लगातार नीचे जमा हो रहा है, तो यह संकेत है कि आप जरूरत से ज्यादा भोजन दे रहे हैं।
5. एक्वेरियम का सही तरीके से साइकिल न होना
नए एक्वेरियम में तुरंत बड़ी संख्या में मछलियां डाल देना भी नुकसानदायक हो सकता है। एक्वेरियम में लाभकारी बैक्टीरिया का स्थापित होना जरूरी होता है, जो मछलियों के अपशिष्ट से बनने वाले अमोनिया और नाइट्राइट को कम हानिकारक पदार्थों में बदलने में मदद करते हैं।इसी प्रक्रिया को आमतौर पर एक्वेरियम साइक्लिंग कहा जाता है। नया एक्वेरियम सेट करते समय इस प्रक्रिया को समझना बहुत जरूरी है।
6. पानी का तापमान गलत होना
हर मछली की प्रजाति के लिए पानी का उपयुक्त तापमान अलग हो सकता है। अचानक तापमान बदलने से मछलियों पर तनाव पड़ सकता है और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो सकती है।इसलिए एक्वेरियम में मछली की प्रजाति के अनुसार उचित तापमान बनाए रखें और तापमान में अचानक बड़े बदलाव से बचें।
7. बीमारी के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करना
कई बार मछली मरने से पहले कई संकेत देती है। अगर मछली लगातार एक जगह पड़ी रहती है, खाना छोड़ देती है, तेजी से सांस लेती है, शरीर पर सफेद धब्बे दिखाई देते हैं या उसके पंख खराब होने लगते हैं, तो यह बीमारी या खराब पानी की गुणवत्ता का संकेत हो सकता है।ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत पानी के पैरामीटर जांचें और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ या जलीय पशु चिकित्सा विशेषज्ञ से सलाह लें।
मछलियों को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?
एक्वेरियम की मछलियों को स्वस्थ रखने के लिए केवल पानी बदलना पर्याप्त नहीं है। नियमित रूप से पानी की गुणवत्ता जांचें, फिल्टर को सही तरीके से चलाएं, मछलियों को जरूरत के अनुसार भोजन दें और एक्वेरियम में जरूरत से ज्यादा मछलियां न रखें।साथ ही, नई मछली को सीधे पुराने एक्वेरियम में डालने के बजाय उचित क्वारंटीन और एक्लिमेशन प्रक्रिया अपनाना बेहतर होता है। इससे नई मछली के कारण पुरानी मछलियों में बीमारी फैलने का जोखिम कम किया जा सकता है।
एक्वेरियम की मछलियों का बार-बार मरना केवल बीमारी की वजह से नहीं होता। खराब पानी, ऑक्सीजन की कमी, ओवरस्टॉकिंग, ज्यादा खाना, गलत तापमान और एक्वेरियम की सही साइक्लिंग न होना इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं। अगर आप पानी की गुणवत्ता और मछलियों की रोजाना स्थिति पर नजर रखें, तो कई समस्याओं को समय रहते पहचाना और रोका जा सकता है।