Parrot Sneezing
Parrot Sneezing Causes: अगर आपका पालतू तोता बार-बार छींक रहा है, तो इसे मामूली समझकर नजरअंदाज न करें। कई बार धूल-मिट्टी, पंखों के छोटे कण या वातावरण में मौजूद किसी चीज के कारण तोते को छींक आ सकती है। हालांकि, लगातार छींकना सांस से जुड़ी बीमारी या संक्रमण का संकेत भी हो सकता है। खासकर अगर तोते की नाक से पानी निकल रहा है, वह सुस्त दिखाई दे रहा है या खाना कम खा रहा है, तो उसकी सेहत पर ध्यान देना जरूरी है। आइए जानते हैं कि तोता बार-बार क्यों छींकता है और इससे बचाव के लिए क्या करना चाहिए।
तोता बार-बार छींक क्यों रहा है?
1. धूल-मिट्टी और गंदगी के कारण
तोते की नाक काफी संवेदनशील होती है। अगर उसके पिंजरे के आसपास धूल-मिट्टी, पंखों के छोटे कण या गंदगी जमा हो गई है, तो उसे छींक आने की समस्या हो सकती है। कई बार पिंजरे में रखे पुराने बिस्तर या धूल वाले सामान से भी तोते की नाक में जलन होने लगती है। ऐसे में पिंजरे और आसपास की जगह को नियमित रूप से साफ रखना चाहिए।
2. सांस से जुड़ा संक्रमण
अगर तोता लगातार छींक रहा है और उसकी नाक से पानी या गाढ़ा पदार्थ निकल रहा है, तो यह श्वसन संक्रमण का संकेत हो सकता है। बैक्टीरिया, वायरस या फंगस के कारण पक्षियों में सांस से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। संक्रमण होने पर तोता सुस्त दिखाई दे सकता है और उसकी भूख भी कम हो सकती है। ऐसी स्थिति में पक्षियों के इलाज का अनुभव रखने वाले पशु चिकित्सक से जांच करवाना जरूरी है।
3. परफ्यूम और केमिकल का असर
कई बार घर में इस्तेमाल होने वाले परफ्यूम, रूम फ्रेशनर, अगरबत्ती, धूपबत्ती और सफाई के केमिकल तोते की सांस की नली में जलन पैदा कर सकते हैं। पक्षियों का श्वसन तंत्र काफी संवेदनशील होता है। इसलिए पिंजरे के आसपास तेज खुशबू वाले उत्पादों, धुएं और केमिकल स्प्रे का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
4. नाक में किसी बाहरी कण का फंसना
तोते की नाक में खाने का छोटा कण, धूल या कोई बाहरी पदार्थ फंसने से भी बार-बार छींक आ सकती है। अगर तोता अपनी चोंच को बार-बार रगड़ रहा है या नाक से असामान्य आवाज आ रही है, तो उसकी नाक में रुकावट हो सकती है। ऐसे में खुद से नाक साफ करने या किसी नुकीली चीज का इस्तेमाल करने की कोशिश न करें।
5. विटामिन ए की कमी
तोते के शरीर में विटामिन ए की कमी होने से उसकी नाक और श्वसन तंत्र की अंदरूनी सतह प्रभावित हो सकती है। इससे संक्रमण होने का खतरा बढ़ सकता है। खासकर केवल बीजों पर आधारित असंतुलित आहार खाने वाले तोतों में पोषण की कमी देखने को मिल सकती है। इसलिए तोते को उसकी प्रजाति के अनुसार संतुलित आहार देना जरूरी है। बिना डॉक्टर की सलाह के विटामिन सप्लीमेंट नहीं देने चाहिए।
तोते को बार-बार छींक आने पर क्या करें?
अगर आपका तोता बार-बार छींक रहा है, तो सबसे पहले उसके आसपास के वातावरण की जांच करें। पिंजरे को साफ रखें और उसे धूल, धुएं तथा तेज खुशबू वाले उत्पादों से दूर रखें। कमरे में ताजी हवा आने की व्यवस्था करें, लेकिन तोते को सीधे तेज ठंडी हवा के सामने न रखें।
इसके अलावा तोते की नाक, आंखों, सांस लेने के तरीके और खाने-पीने की आदतों पर ध्यान दें। अगर छींक लगातार बनी रहती है या इसके साथ कोई दूसरा लक्षण दिखाई देता है, तो जल्द पशु चिकित्सक से संपर्क करें। बिना सलाह के एंटीबायोटिक, इंसानों की सर्दी-जुकाम की दवा या घरेलू नुस्खे इस्तेमाल न करें।
तोते को छींक आने पर कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?
अगर तोते को कभी-कभार छींक आती है और वह सामान्य रूप से सक्रिय है, तो यह धूल या किसी हल्की जलन के कारण हो सकता है। लेकिन बार-बार छींक आने के साथ नाक से पानी निकलना, आंखों में सूजन, भूख कम होना, आवाज में बदलाव या सुस्ती दिखाई देना चिंता की बात हो सकती है।
अगर तोता मुंह खोलकर सांस ले रहा है, सांस लेते समय उसकी पूंछ ऊपर-नीचे हो रही है या उसे सांस लेने में परेशानी हो रही है, तो तुरंत इमरजेंसी पशु चिकित्सा सहायता लें। पक्षियों में सांस की बीमारी तेजी से गंभीर हो सकती है।
तोते को छींक से बचाने के तरीके
तोते को स्वस्थ रखने के लिए उसके पिंजरे की नियमित सफाई करें। खाने और पानी के बर्तनों को रोज साफ करें और उसे संतुलित आहार दें। पिंजरे को रसोई के धुएं, सिगरेट, अगरबत्ती और केमिकल स्प्रे से दूर रखें। घर में अच्छी वेंटिलेशन की व्यवस्था करें। समय-समय पर पक्षियों के विशेषज्ञ पशु चिकित्सक से स्वास्थ्य जांच करवाना भी फायदेमंद हो सकता है।
निष्कर्ष
तोते को कभी-कभार छींक आना सामान्य हो सकता है, लेकिन बार-बार छींकना किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है। धूल-मिट्टी, केमिकल से होने वाली जलन, पोषण की कमी और श्वसन संक्रमण इसके संभावित कारण हैं। अगर छींक के साथ सांस लेने में परेशानी या दूसरे असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो इलाज में देरी नहीं करनी चाहिए।