पक्षियों के पिंजरे
सर्दियों का मौसम पक्षी-कबूतरों के लिए काफी संवेदनशील होता है। ठंडी हवा, कोहरा और गिरता तापमान उनकी सेहत पर सीधा असर डाल सकता है। ऐसे में अगर कबूतरों को सही जगह और सही तरीके से रखा जाए, तो वे सर्दियों को बिना बीमार पड़े आसानी से निकाल सकते हैं। चाहे आप उन्हें पिंजरे में रखते हों या खुले लेकिन सुरक्षित स्थान पर, कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।
पिंजरा रखने की जगह
सबसे पहले बात करें पिंजरे या रहने की जगह की। सर्दियों में कबूतरों का पिंजरा ऐसी जगह होना चाहिए, जहां ठंडी हवा सीधे न लगे। उत्तर या पूर्व दिशा से आने वाली तेज हवा से बचाव बहुत जरूरी है। पिंजरे को जमीन से थोड़ा ऊपर रखें, ताकि फर्श की ठंड सीधा उनके शरीर तक न पहुंचे। अगर संभव हो तो पिंजरे को दीवार के सहारे या छत के नीचे रखें, जहां हल्की धूप भी आती हो।
सूखापन
पिंजरे के अंदर सूखापन बनाए रखना सर्दियों में सबसे अहम है। नमी और सीलन कबूतरों को जल्दी बीमार कर देती है। पिंजरे के फर्श पर सूखा भूसा, धान की पुआल या साफ सूखी लकड़ी की बुरादे की परत बिछा सकते हैं। इसे समय-समय पर बदलते रहें, ताकि गंदगी और नमी जमा न हो।
ताजी हवा की जरूरत
ठंड से बचाने के लिए पिंजरे को पूरी तरह बंद करना सही नहीं होता। कबूतरों को ताजी हवा की जरूरत होती है, इसलिए हवा के आने-जाने की व्यवस्था बनी रहनी चाहिए। आप पिंजरे के एक या दो हिस्सों को जूट की बोरी, मोटे कपड़े या प्लास्टिक शीट से ढक सकते हैं, लेकिन ऊपर या सामने से थोड़ा खुला हिस्सा जरूर रखें।
सुरक्षित शेड
अगर कबूतर खुले स्थान पर रहते हैं, तो उनके लिए एक सुरक्षित शेड या छोटा सा आश्रय बनाना बहुत फायदेमंद रहता है। यह शेड बारिश, कोहरे और ठंडी हवा से बचाव करता है। शेड की छत मजबूत होनी चाहिए और अंदर का फर्श सूखा व साफ रहना चाहिए। रात के समय कबूतरों को खुले आसमान के नीचे छोड़ना सर्दियों में नुकसानदायक हो सकता है।
धूप
धूप कबूतरों के लिए सर्दियों में किसी दवा से कम नहीं होती। रोज सुबह की हल्की धूप मिलने से उनके शरीर में गर्माहट बनी रहती है और immunity भी मजबूत होती है। इसलिए उनके पिंजरे या ठहरने की जगह को इस तरह रखें कि सुबह की धूप अंदर आ सके।
रात के ठंड से कैसे बचाएं
रात के समय ठंड ज्यादा बढ़ जाती है, इसलिए शाम ढलने से पहले पिंजरे की अच्छी तरह जांच कर लें। हवा के रास्ते बंद कर दें और फर्श पर बिछी सामग्री सूखी हो, इसका ध्यान रखें। बहुत ज्यादा ठंड पड़ने पर पिंजरे के बाहर से बोरी या मोटा कपड़ा ढक सकते हैं, लेकिन अंदर हवा बंद न होने दें।
साफ-सफाई
साफ-सफाई का ध्यान सर्दियों में और भी जरूरी हो जाता है। गंदा पिंजरा बीमारियों को बुलावा देता है। हफ्ते में कम से कम दो बार पिंजरे की सफाई करें और खाने-पानी के बर्तन रोज धोएं।
सही जगह, सूखा वातावरण, ठंडी हवा से बचाव और थोड़ी धूप—बस यही सर्दियों में कबूतरों की अच्छी देखभाल का मंत्र है। अगर इन बातों का ध्यान रखा जाए, तो कबूतर स्वस्थ, सक्रिय और सुरक्षित रहते हैं और सर्दियों का मौसम बिना किसी परेशानी के गुजर जाता है।