Deworming In Pigeon
Deworming In Pigeon: कबूतरों में पेट के कीड़े एक गंभीर समस्या है। समय पर इलाज न किया जाए तो कबूतर कमजोर हो जाते हैं, खाना छोड़ देते हैं और धीरे-धीरे जान भी जा सकती है। गांव हो या शहर, पालतू और खुले में रहने वाले कबूतरों में यह परेशानी आम देखी जाती है। आइए जानते हैं कबूतरों में पेट के कीड़ों की पहचान, उनका इलाज और बचाव के आसान तरीके।
कबूतरों में पेट के कीड़े होने के कारण
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गंदा पानी पीना
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गीला या खराब दाना खाना
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गंदगी वाली जगह पर रहना
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लंबे समय तक सफाई न होना
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दूसरे बीमार पक्षियों के संपर्क में आना
पेट के कीड़े होने के लक्षण
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लगातार वजन कम होना
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दाना खाने के बाद भी कमजोरी
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दस्त या बदबूदार बीट
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बीट में सफेद धागे जैसे कीड़े
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पंख फूले रहना
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सुस्ती और उड़ने में परेशानी
कबूतरों में पेट के कीड़ों का इलाज
1. कीड़े मारने की दवा
पशु चिकित्सा की दुकान से मिलने वाली कीड़े खत्म करने वाली दवा कबूतरों को दी जाती है। यह दवा आमतौर पर पानी में मिलाकर दी जाती है।
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दवा देने से पहले कबूतरों को साफ पानी पिलाएं
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दवा देने के बाद 6–8 घंटे तक दूसरा पानी न दें
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दवा हमेशा मात्रा के अनुसार ही दें
बिना जानकारी के अधिक दवा न दें, इससे कबूतर की हालत बिगड़ सकती है।
2. घरेलू उपाय (हल्के संक्रमण में)
लहसुन का पानी
एक कली लहसुन को कूटकर पानी में मिलाएं और सुबह के समय पिलाएं। इससे पेट के कीड़े धीरे-धीरे खत्म होते हैं।
हल्दी का प्रयोग
चुटकी भर हल्दी दाने में मिलाकर 2–3 दिन खिलाएं। यह पेट को साफ रखने में मदद करती है।
नीम की पत्ती
नीम की कोमल पत्तियों का रस पानी में मिलाकर हफ्ते में एक बार दिया जा सकता है।
इलाज के बाद क्या खिलाएं
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हल्का और साफ दाना
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भिगोया हुआ चना या मूंग
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साफ और ताजा पानी
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थोड़ी धूप में बैठने दें
कबूतरों में पेट के कीड़ों से बचाव
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कबूतरखाने की नियमित सफाई करें
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दाना और पानी के बर्तन रोज धोएं
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हर तीन से चार महीने में कीड़े मारने की दवा दें
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नए कबूतर को पहले अलग रखें
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बीमार कबूतर को तुरंत अलग करें
जरूरी सावधानी
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कमजोर या बहुत छोटे बच्चों को दवा देने से पहले पशु चिकित्सक से सलाह लें
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दवा देने के दिन कोई और दवा न दें
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इलाज के बाद कबूतर पर नजर रखें