Pigon: कबूतर हांफने लगे तो क्या करें? जानें कारण, तुरंत उपाय और बचाव
Pigon
Pigon: अगर आपका कबूतर मुंह खोलकर तेजी से सांस ले रहा है या बार-बार हांफ रहा है, तो इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। गर्मी, ज्यादा मेहनत या डर के कारण कुछ समय के लिए ऐसा हो सकता है, लेकिन लगातार हांफना सांस की बीमारी, संक्रमण या अन्य स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है।आइए जानते हैं कबूतर के हांफने के संभावित कारण और ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए।
कबूतर हांफता क्यों है?
1. ज्यादा गर्मी
गर्म मौसम में कबूतर शरीर का तापमान नियंत्रित करने के लिए मुंह खोलकर तेजी से सांस ले सकता है। अगर वह पंख शरीर से दूर रख रहा है और छांव की तलाश कर रहा है, तो गर्मी इसकी वजह हो सकती है।
2. ज्यादा उड़ने या एक्सरसाइज के बाद
लंबी उड़ान या ज्यादा गतिविधि के तुरंत बाद कबूतर कुछ समय के लिए तेजी से सांस ले सकता है। आराम करने के बाद उसकी सांस सामान्य हो जानी चाहिए।
अगर आराम के बावजूद हांफना जारी रहे, तो इसे सामान्य न मानें।
3. डर या तनाव
तेज आवाज, किसी शिकारी का डर, अचानक पकड़ना या आसपास का तनाव भी कबूतर की सांस तेज कर सकता है। शांत और सुरक्षित जगह मिलने पर आमतौर पर उसकी सांस धीरे-धीरे सामान्य हो जाती है।
4. सांस से जुड़ी बीमारी
लगातार हांफना श्वसन तंत्र की समस्या का संकेत हो सकता है। इसके साथ नाक या आंखों से डिस्चार्ज, छींक, खांसी जैसी आवाज, सांस लेते समय आवाज या सुस्ती दिखाई दे तो बीमारी की संभावना बढ़ जाती है।
5. परजीवी या अन्य स्वास्थ्य समस्या
कुछ परजीवी और अन्य बीमारियां भी सांस लेने में परेशानी पैदा कर सकती हैं। ऐसे मामलों में सिर्फ घरेलू उपाय करने से समस्या ठीक नहीं होती और सही कारण पता करने के लिए पशु चिकित्सक की जांच जरूरी हो सकती है।
कबूतर हांफने लगे तो तुरंत क्या करें?
कबूतर को ठंडी और शांत जगह पर रखें
अगर मौसम गर्म है, तो कबूतर को हवादार, छायादार और शांत स्थान पर रखें। उसे सीधे तेज धूप में न रखें।
साफ पानी दें
उसके सामने ताजा और साफ पानी रखें। अगर वह खुद पानी पी रहा है तो उसे आराम से पीने दें।
ज्यादा पकड़ने से बचें
सांस लेने में परेशानी वाले कबूतर को बार-बार पकड़ना या इधर-उधर करना तनाव बढ़ा सकता है। उसे आराम करने दें।
पिंजरे में पर्याप्त वेंटिलेशन रखें
अगर कबूतर पिंजरे में रहता है तो हवा के आने-जाने की उचित व्यवस्था होनी चाहिए। हालांकि, उसे सीधे तेज हवा या एयर कंडीशनर की ठंडी हवा के सामने न रखें।
ये गलती बिल्कुल न करें
कबूतर के हांफने पर बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक, इंसानों की दवा या कोई घरेलू नुस्खा न दें। सांस की समस्या के कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं और गलत दवा स्थिति को खराब कर सकती है।
इसके अलावा, जबरदस्ती पानी या खाना मुंह में डालने से भी बचें, क्योंकि इससे पानी या भोजन सांस की नली में जाने का खतरा हो सकता है।
कब तुरंत डॉक्टर के पास ले जाएं?
अगर कबूतर:
- लगातार मुंह खोलकर सांस ले रहा है
- आराम करने के बाद भी हांफ रहा है
- सांस लेते समय आवाज आ रही है
- गर्दन आगे करके सांस लेने की कोशिश कर रहा है
- नाक या आंख से डिस्चार्ज आ रहा है
- खाना-पीना छोड़ रहा है
- बहुत सुस्त हो गया है
- बार-बार पंख फुलाकर बैठ रहा है
- सांस लेने में स्पष्ट परेशानी दिखा रहा है
तो जल्द से जल्द एवियन या पक्षियों का इलाज करने वाले पशु चिकित्सक से संपर्क करें। गंभीर सांस की तकलीफ में इसे आपात स्थिति मानना चाहिए।
गर्मियों में कबूतर को हांफने से कैसे बचाएं?
गर्मी के मौसम में कबूतर के रहने की जगह को ठंडा और हवादार रखें। उसे हमेशा साफ पानी उपलब्ध कराएं और पिंजरे या शेड को ऐसी जगह रखें जहां दिनभर सीधी धूप न पड़ती हो। बहुत गर्म दिनों में उसके व्यवहार और सांस लेने के तरीके पर विशेष नजर रखें।
कबूतर का कभी-कभी गर्मी, डर या ज्यादा उड़ने के बाद हांफना हो सकता है, लेकिन लगातार या आराम की स्थिति में हांफना सामान्य नहीं है। पहले उसे शांत और हवादार जगह पर रखें, साफ पानी दें और उसकी स्थिति पर नजर रखें। अगर सांस लेने में परेशानी बनी रहती है या अन्य लक्षण दिखाई देते हैं, तो बिना देरी किए पक्षियों के डॉक्टर से जांच कराएं।