Pigon Care
Pigon Care: कबूतर की बीट में खून दिखाई देना सामान्य बात नहीं है। अगर कभी-कभार बीट का रंग थोड़ा लाल या भूरा दिखे, तो इसका कारण सिर्फ खून ही हो, यह जरूरी नहीं है। कुछ खाद्य पदार्थों या रंगीन चीजों के सेवन से भी बीट का रंग बदल सकता है। लेकिन अगर बीट में बार-बार ताजा लाल खून, काला-तारकोल जैसा रंग या खून के साथ कमजोरी दिखाई दे रही है, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए।
1. आंतों में चोट या ब्लीडिंग
कबूतर के पाचन तंत्र में चोट या अंदरूनी रक्तस्राव होने पर बीट में खून दिखाई दे सकता है। किसी चोट, गिरने या दूसरी पक्षी से लड़ाई के बाद ऐसा हो सकता है।
2. आंतों का संक्रमण
कुछ बैक्टीरियल या परजीवी संक्रमण आंतों में सूजन और रक्तस्राव पैदा कर सकते हैं। ऐसे मामलों में खून के साथ दस्त, बदबूदार बीट, सुस्ती और भूख कम होने जैसे लक्षण भी दिख सकते हैं।
3. कोक्सीडियोसिस जैसी परजीवी समस्या
कबूतरों में आंतों को प्रभावित करने वाले परजीवी संक्रमण भी रक्त वाली बीट का कारण बन सकते हैं। खासकर अगर कबूतर लगातार पतली बीट कर रहा हो और कमजोर होता जा रहा हो, तो पशु चिकित्सक से जांच जरूरी है।
4. क्लोअका के आसपास चोट
कबूतर के शरीर के पिछले हिस्से में चोट या क्लोअका के आसपास घाव होने पर भी बीट के साथ खून दिखाई दे सकता है। ऐसे में उस हिस्से को ध्यान से देखें, लेकिन कबूतर को ज्यादा पकड़कर परेशान न करें।
5. जहरीली चीज खाने का खतरा
कुछ विषैले पदार्थ शरीर के अंदर रक्तस्राव या अंगों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। अगर खून के साथ उल्टी जैसी स्थिति, कंपकंपी, सांस लेने में परेशानी या अचानक कमजोरी हो, तो यह इमरजेंसी हो सकती है।
कब तुरंत डॉक्टर को दिखाएं?
अगर कबूतर की बीट में बार-बार खून आ रहा है, बीट काली और तारकोल जैसी हो गई है, कबूतर खाना-पीना छोड़ रहा है, बहुत सुस्त है, लगातार दस्त हो रहे हैं, सांस लेने में परेशानी है या वह खड़ा नहीं हो पा रहा है, तो उसे जल्द से जल्द पक्षी विशेषज्ञ पशु चिकित्सक (avian veterinarian) को दिखाएं।
घर पर क्या सावधानी रखें?
कबूतर को दूसरे पक्षियों से अलग रखें ताकि संभावित संक्रमण फैलने का जोखिम कम हो। उसे साफ पानी और सामान्य, संतुलित आहार दें। बिना पशु चिकित्सक की सलाह के एंटीबायोटिक, दर्द की दवा, डायरिया की दवा या कोई घरेलू नुस्खा न दें, क्योंकि गलत दवा स्थिति को और खराब कर सकती है।
बीट की फोटो लेकर रखें और संभव हो तो ताजा बीट का नमूना डॉक्टर को दिखाएं। इससे समस्या का कारण पता लगाने में मदद मिल सकती है। खून वाली बीट को नजरअंदाज करने के बजाय उसके साथ दिख रहे दूसरे लक्षणों पर भी ध्यान देना जरूरी है।