Budgerigar Cage
Budgerigar Cage: बजरीगर एक छोटा, सुंदर और चंचल पालतू पक्षी है, जिसे घरों में पालना काफी पसंद किया जाता है। हालांकि, बजरीगर को स्वस्थ और खुश रखने के लिए सिर्फ अच्छा खाना देना ही काफी नहीं है, बल्कि उसके रहने की जगह का सही होना भी जरूरी है। अगर पिंजरा छोटा है या उसमें खेलने, उड़ने और आराम करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है, तो पक्षी तनाव में आ सकता है। ऐसे में सवाल उठता है कि बजरीगर का पिंजरा कैसा होना चाहिए और इसे खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
बजरीगर का पिंजरा कितना बड़ा होना चाहिए?
बजरीगर के लिए ऐसा पिंजरा चुनना चाहिए जिसमें वह अपने पंख पूरी तरह फैला सके, एक डंडे से दूसरे डंडे तक आसानी से जा सके और थोड़ी दूरी तक उड़ने की कोशिश कर सके। पिंजरे की लंबाई उसकी ऊंचाई से ज्यादा होना बेहतर है, क्योंकि इससे पक्षी को एक तरफ से दूसरी तरफ जाने के लिए अधिक जगह मिलती है।
एक बजरीगर के लिए लगभग 60 × 45 × 45 सेंटीमीटर का पिंजरा शुरुआती न्यूनतम विकल्प हो सकता है, लेकिन इससे बड़ा पिंजरा अधिक बेहतर रहता है। यदि आप दो बजरीगर पाल रहे हैं, तो उनके लिए और ज्यादा जगह वाला पिंजरा चुनें। ध्यान रखें कि पिंजरे का आकार पक्षियों को आराम से घूमने और पंख फैलाने के लिए पर्याप्त होना चाहिए।
पिंजरे की सलाखों के बीच कितनी दूरी होनी चाहिए?
बजरीगर के पिंजरे की सलाखों के बीच की दूरी बहुत ज्यादा नहीं होनी चाहिए। आमतौर पर लगभग 1 से 1.3 सेंटीमीटर की दूरी उपयुक्त रहती है। अधिक दूरी होने पर पक्षी अपना सिर सलाखों के बीच फंसा सकता है या बाहर निकलने की कोशिश में घायल हो सकता है।
पिंजरा मजबूत और सुरक्षित सामग्री से बना होना चाहिए। ऐसी सलाखों वाला पिंजरा न चुनें, जिनकी कोटिंग आसानी से निकलती हो या जिन पर जंग लगी हो। पक्षी अक्सर अपनी चोंच से सलाखों को छूता है, इसलिए सामग्री का सुरक्षित होना बेहद जरूरी है।
पिंजरे में क्या-क्या होना चाहिए?
बजरीगर के पिंजरे में कुछ जरूरी सुविधाएं होनी चाहिए, ताकि वह सक्रिय और स्वस्थ रह सके।
1. बैठने के लिए अलग-अलग डंडे: पिंजरे में प्राकृतिक लकड़ी के सुरक्षित डंडे अलग-अलग ऊंचाई पर लगाएं। उनकी मोटाई थोड़ी अलग हो सकती है, ताकि पक्षी के पैरों को प्राकृतिक तरीके से पकड़ बनाने का मौका मिले। सभी डंडों को एक ही जगह न लगाएं, वरना पक्षी की गतिविधियां सीमित हो सकती हैं।
2. साफ पानी और भोजन के बर्तन: पिंजरे में भोजन और पानी के लिए अलग-अलग बर्तन रखें। इन्हें ऐसी जगह लगाएं, जहां उन पर पक्षी की बीट न गिरे। पानी रोज बदलें और बर्तनों को नियमित रूप से साफ करें।
3. खेलने के लिए सुरक्षित खिलौने: बजरीगर को मानसिक रूप से सक्रिय रखने के लिए सुरक्षित खिलौने, चबाने योग्य सामग्री और खेलने की चीजें दें। हालांकि, पिंजरे में इतने ज्यादा खिलौने न भरें कि पक्षी को घूमने के लिए जगह ही न मिले।
4. नहाने की सुविधा: बजरीगर को उथले और साफ बर्तन में नहाने का विकल्प दिया जा सकता है। बर्तन इतना गहरा न हो कि पक्षी के डूबने का खतरा पैदा हो। नहाने के बाद पानी निकाल दें।
5. आराम करने की जगह: पिंजरे में ऐसा हिस्सा होना चाहिए जहां पक्षी शांति से बैठ सके। रात में उसे पर्याप्त नींद के लिए शांत और अंधेरे वातावरण की जरूरत होती है।
बजरीगर का पिंजरा घर में कहां रखें?
पिंजरे को घर के ऐसे हिस्से में रखें जहां परिवार के सदस्य आते-जाते हों, ताकि पक्षी को सामाजिक संपर्क मिल सके। हालांकि, उसे लगातार शोर, तेज संगीत और अचानक होने वाली हलचल से दूर रखना चाहिए।
पिंजरे को सीधे धूप, तेज हवा, एसी या कूलर की सीधी हवा और रसोई के धुएं से बचाकर रखें। खास तौर पर नॉन-स्टिक बर्तनों को बहुत अधिक गर्म करने पर निकलने वाला धुआं पक्षियों के लिए जानलेवा हो सकता है। इसलिए पिंजरे को रसोई से दूर रखना जरूरी है।
पिंजरे की सफाई कितनी बार करनी चाहिए?
बजरीगर के स्वास्थ्य के लिए पिंजरे की नियमित सफाई जरूरी है। भोजन और पानी के बर्तन रोज साफ करें। नीचे जमा बीट, गिरे हुए भोजन और गंदगी को प्रतिदिन हटाएं। पिंजरे की ट्रे, सलाखों और खिलौनों की नियमित रूप से अच्छी तरह सफाई करें।
सफाई के लिए पक्षियों के आसपास तेज गंध वाले केमिकल, स्प्रे या धुएं का इस्तेमाल न करें। यदि किसी सफाई उत्पाद का उपयोग करते हैं, तो पक्षी को उससे दूर रखें और पिंजरे को पूरी तरह साफ तथा सूखा होने के बाद ही उसे वापस आने दें।
क्या बजरीगर को हमेशा पिंजरे में रखना चाहिए?
नहीं, पिंजरा बजरीगर का सुरक्षित घर होना चाहिए, लेकिन उसे हर समय सीमित जगह में रखना उसकी गतिविधियों और मानसिक स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है। सुरक्षित कमरे में निगरानी के साथ पिंजरे से बाहर समय देना फायदेमंद हो सकता है। इससे पहले पंखे बंद कर दें, खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें, शीशों तथा अन्य संभावित खतरों से बचाव करें और दूसरे पालतू जानवरों को दूर रखें।
यदि आप बजरीगर को अकेले पाल रहे हैं, तो उसके साथ रोज बातचीत करें और खेलने का समय दें। दो बजरीगर साथ रखने पर भी पिंजरे में पर्याप्त जगह और संसाधन होना जरूरी है।
बजरीगर का पिंजरा चुनते समय उसके आकार, सलाखों की दूरी, सुरक्षित सामग्री, बैठने के डंडों, खिलौनों और सफाई का विशेष ध्यान रखें। बड़ा और सुरक्षित पिंजरा पक्षी को अधिक आराम तथा गतिविधि की जगह देता है। साथ ही, सही भोजन, साफ पानी, सामाजिक संपर्क और नियमित देखभाल से बजरीगर को स्वस्थ और खुश रखने में मदद मिलती है।