signs your pigeon is sick
कबूतर (Pigeon) देखने में मजबूत लगते हैं, लेकिन असल में वे बीमारी को छुपाने में माहिर होते हैं। जब तक लक्षण साफ दिखाई दें, तब तक हालत गंभीर हो सकती है। इसलिए हर कबूतर पालक के लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि बीमार कबूतर के शुरुआती संकेत क्या होते हैं।
कबूतर के बीमार होने के मुख्य संकेत
सुस्ती और कम एक्टिव रहना
अगर आपका कबूतर पहले की तरह उड़ नहीं रहा या शांत बैठा रहता है, तो यह बीमारी का पहला संकेत हो सकता है।
स्वस्थ कबूतर:
- एक्टिव रहता है
- उड़ने में रुचि दिखाता है
बीमार कबूतर:
- एक जगह बैठा रहता है
- प्रतिक्रिया धीमी होती है
- पंख फुलाकर बैठना
कबूतर का लंबे समय तक पंख फुलाकर बैठना इस बात का संकेत है कि वह असहज या बीमार है.
खाना और पानी कम लेना
अगर कबूतर खाना या पानी कम कर दे या पूरी तरह छोड़ दे, तो तुरंत ध्यान दें
यह कई गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है।
मल (Droppings) में बदलाव
कबूतर के मल से उसकी सेहत का पता चलता है।
ध्यान दें:
- बहुत पतला या पानी जैसा मल
- हरे या सफेद रंग में बदलाव
- बदबूदार मल
सांस लेने में दिक्कत
अगर कबूतर:
- मुंह खोलकर सांस ले रहा है
- आवाज के साथ सांस ले रहा है
तो यह श्वसन संक्रमण का संकेत हो सकता है।
आंख और नाक से स्राव (Discharge)
- आंखों से पानी आना
- नाक से तरल निकलना
यह संक्रमण (infection) का लक्षण हो सकता है.
वजन कम होना
अगर कबूतर का वजन तेजी से कम हो रहा है, तो यह अंदरूनी बीमारी का संकेत है।
पंखों का खराब होना
- पंख बेजान दिखना
- टूटे या बिखरे हुए पंख
यह पोषण की कमी या बीमारी का संकेत हो सकता है।
संतुलन खोना (Balance Problem)
अगर कबूतर:
- ठीक से खड़ा नहीं हो पा रहा
- बार-बार गिर रहा है
यह नर्वस सिस्टम की समस्या का संकेत हो सकता है।
कब तुरंत डॉक्टर के पास जाएं?
अगर ये लक्षण दिखें तो देरी न करें:
- 24 घंटे से ज्यादा खाना न खाना
- सांस लेने में तेज दिक्कत
- खून आना
- अत्यधिक कमजोरी
तुरंत किसी avian vet (पक्षी विशेषज्ञ डॉक्टर) से संपर्क करें।
घर पर क्या करें? (First Aid)
- कबूतर को गर्म और शांत जगह पर रखें
- साफ पानी और हल्का खाना दें
- अन्य पक्षियों से अलग रखें (infection रोकने के लिए)
- पिंजरे की सफाई रखें
सही देखभाल कैसे करें?
- संतुलित आहार दें
- साफ पानी हमेशा उपलब्ध रखें
- नियमित साफ-सफाई रखें
- समय-समय पर हेल्थ चेकअप करवाएं