Budgerigar Health
Budgerigar: बजरीगर को घर में पालने वाले कई लोग उनकी ब्रीडिंग कराते हैं। इस दौरान सबसे बड़ी चिंता अंडों की सुरक्षा को लेकर होती है। मादा बजरीगर अंडे देने के बाद उन्हें सेती है, लेकिन अगर पिंजरे का सेटअप सही न हो या पक्षियों को बार-बार परेशान किया जाए तो अंडे टूटने का खतरा बढ़ सकता है। कुछ आसान सावधानियां अपनाकर अंडों को सुरक्षित रखा जा सकता है।
1. सही नेस्ट बॉक्स लगाएं
बजरीगर की ब्रीडिंग के लिए मजबूत और सुरक्षित नेस्ट बॉक्स जरूरी है। बॉक्स बहुत छोटा या अस्थिर नहीं होना चाहिए। इसे पिंजरे में इस तरह लगाएं कि वह हिले या गिर न सके। नेस्ट बॉक्स में प्रवेश का रास्ता भी सुरक्षित और पर्याप्त आकार का होना चाहिए।
2. पिंजरे को ऐसी जगह रखें जहां शोर कम हो
ब्रीडिंग के दौरान बजरीगर को शांत वातावरण पसंद होता है। पिंजरे को बार-बार हिलाने, तेज आवाज वाले स्थान या लगातार लोगों की आवाजाही वाली जगह पर रखने से पक्षी तनाव में आ सकते हैं। तनाव के कारण मादा अंडों को ठीक से न से सकती है।
3. अंडों को बार-बार हाथ न लगाएं
अंडे की जांच करने के लिए उन्हें बार-बार उठाना या घुमाना सही नहीं है। इससे अंडे गिरने या टूटने का खतरा रहता है और पक्षी भी परेशान हो सकते हैं। जरूरत पड़ने पर ही नेस्ट बॉक्स की जांच करें और वह भी बेहद सावधानी से।
4. नेस्ट बॉक्स में उचित बेस रखें
नेस्ट बॉक्स का फर्श पूरी तरह चिकना होने पर अंडे लुढ़क सकते हैं। इसलिए ऐसा सुरक्षित बेस होना चाहिए जिससे अंडे एक जगह टिके रहें। हालांकि बहुत ज्यादा बुरादा, रूई या कपड़ा भरने से बचें, क्योंकि ढीली सामग्री पक्षियों के लिए परेशानी पैदा कर सकती है।
5. पिंजरे की सलाखें और दरवाजा जांचें
ब्रीडिंग के दौरान पिंजरे का दरवाजा अच्छी तरह बंद रहना चाहिए। कोई ढीली सलाख या टूटा हुआ हिस्सा हो तो उसे तुरंत ठीक करें। अचानक दरवाजा खुलने या पक्षियों के घबराकर उड़ने से अंडे क्षतिग्रस्त हो सकते हैं।
6. मादा बजरीगर को पर्याप्त पोषण दें
अंडे बनाने और ब्रीडिंग के दौरान मादा को अतिरिक्त पोषण की जरूरत होती है। उसके आहार में संतुलित सीड मिक्स के साथ आवश्यक कैल्शियम और अन्य पोषक तत्व शामिल होने चाहिए। साफ पानी हर समय उपलब्ध रखें।
कैल्शियम की कमी से मादा में अंडे देने से जुड़ी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए ब्रीडिंग से पहले एवियन वेटरिनेरियन से डाइट और कैल्शियम सपोर्ट के बारे में सलाह लेना बेहतर है।
7. नर और मादा के व्यवहार पर नजर रखें
कभी-कभी जोड़े के बीच आक्रामकता बढ़ सकती है। अगर नर या मादा लगातार एक-दूसरे को परेशान कर रहे हैं या नेस्ट बॉक्स में लड़ाई कर रहे हैं, तो अंडों के टूटने का जोखिम बढ़ सकता है। ऐसे में पक्षियों के व्यवहार पर नजर रखना जरूरी है।
8. बच्चों के लिए भी सुरक्षित माहौल रखें
अगर अंडों से बच्चे निकल चुके हैं तो पिंजरे के आसपास अतिरिक्त सावधानी बरतें। पिंजरे को छोटे बच्चों या दूसरे पालतू जानवरों की पहुंच से दूर रखें। अचानक शोर या पिंजरे को छूने से माता-पिता घबरा सकते हैं।
9. सफाई के दौरान अंडों को परेशान न करें
नेस्ट बॉक्स की सफाई जरूरी है, लेकिन अंडे देने के दौरान बार-बार बॉक्स खोलना उचित नहीं है। अत्यधिक गंदगी, गीली सामग्री या खराब स्थिति दिखाई दे तो सावधानी से सफाई करें। अंडों को अनावश्यक रूप से हटाने से बचें।
10. अंडा टूट जाए तो क्या करें?
अगर गलती से कोई अंडा टूट जाए तो घबराएं नहीं। टूटे हुए अंडे को सावधानी से हटाएं और आसपास की जगह साफ रखें। बाकी अंडों को बार-बार छूने या इधर-उधर करने से बचें। अगर बार-बार अंडे टूट रहे हैं, मादा अंडे नहीं से रही है या पक्षियों में असामान्य व्यवहार दिख रहा है, तो एवियन वेटरिनेरियन से संपर्क करें।
बजरीगर के अंडों को सुरक्षित रखने के लिए सबसे जरूरी है कि ब्रीडिंग के दौरान पक्षियों को शांत वातावरण, मजबूत नेस्ट बॉक्स, संतुलित आहार और पर्याप्त कैल्शियम मिले। अंडों को बार-बार छूने या नेस्ट बॉक्स की अनावश्यक जांच करने से बचें। अगर अंडे लगातार टूट रहे हैं या मादा की सेहत में कोई बदलाव नजर आ रहा है, तो विशेषज्ञ की सलाह लेना सबसे सुरक्षित विकल्प है।