pigeon mites treatment
Pigeon: कबूतर की चोंच पर पपड़ी, सफेद परत या सूखे हुए घाव दिखाई देना सामान्य बात नहीं है। कई बार यह हल्की चोट, गंदगी या सूखे भोजन की वजह से हो सकता है, लेकिन कुछ मामलों में यह संक्रमण या बीमारी का संकेत भी हो सकता है। अगर कबूतर की चोंच पर लगातार पपड़ी बनी हुई है और इसके साथ खाना खाने में परेशानी, सुस्ती या मुंह के अंदर घाव दिखाई दे रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।आइए जानते हैं कि कबूतर की चोंच पर पपड़ी जमने के क्या कारण हो सकते हैं और इसकी देखभाल कैसे की जा सकती है।
कबूतर की चोंच पर पपड़ी जमने के प्रमुख कारण
1. चोट या खरोंच
कबूतर उड़ते समय किसी तार, जाली, दीवार या दूसरी कठोर वस्तु से टकरा सकता है। इससे चोंच की ऊपरी त्वचा पर हल्की चोट लग सकती है। चोट ठीक होने के दौरान वहां सूखी परत या पपड़ी बन सकती है।अगर पपड़ी चोट के बाद बनी है और कबूतर सामान्य रूप से खाना-पीना कर रहा है, तो कुछ समय में यह ठीक हो सकती है।
2. एवियन पॉक्स संक्रमण
कबूतरों में एवियन पॉक्स एक महत्वपूर्ण वायरल बीमारी है। इसमें चोंच के आसपास, नाक के पास, आंखों के आसपास या पैरों पर गांठ, पपड़ी या घाव दिखाई दे सकते हैं।शुरुआत में छोटे घाव दिखाई देते हैं, जो बाद में सूखकर मोटी पपड़ी का रूप ले सकते हैं। कुछ मामलों में मुंह और गले के अंदर भी घाव बन सकते हैं, जिससे कबूतर को खाना निगलने में परेशानी हो सकती है।
3. मुंह या चोंच का संक्रमण
फंगल या बैक्टीरियल संक्रमण की स्थिति में भी चोंच और उसके आसपास असामान्य परत या घाव दिखाई दे सकते हैं। अगर इसके साथ बदबू, मुंह के अंदर सफेद/पीले पदार्थ की परत, लार या खाना निगलने में परेशानी हो, तो संक्रमण की संभावना हो सकती है।
4. सूखा भोजन या गंदगी चिपकना
कभी-कभी सूखा खाना, मिट्टी या गंदगी चोंच के आसपास चिपक जाती है और देखने में पपड़ी जैसी लगती है। ऐसे में चोंच को जोर से खुरचने या पपड़ी को खींचकर हटाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
5. पोषण की कमी
लंबे समय तक असंतुलित आहार मिलने से पक्षी की त्वचा, चोंच और पंखों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। हालांकि केवल चोंच पर पपड़ी देखकर पोषण की कमी की पुष्टि नहीं की जा सकती। अगर कबूतर कमजोर है, वजन कम हो रहा है या पंख भी खराब दिखाई दे रहे हैं, तो उसके पूरे आहार की समीक्षा जरूरी है।
किन लक्षणों के साथ पपड़ी दिखे तो सावधान हो जाएं?
अगर चोंच पर पपड़ी के साथ इनमें से कोई लक्षण दिखाई दे, तो कबूतर को पशु चिकित्सक या एवियन एक्सपर्ट को दिखाना बेहतर है:
- खाना या पानी पीना कम कर देना
- चोंच खोलकर सांस लेना
- लगातार सुस्ती या कमजोरी
- मुंह के अंदर घाव या असामान्य परत
- चोंच से खून आना
- आंखों या नाक के आसपास भी घाव होना
- चोंच के आसपास सूजन
- तेजी से वजन कम होना
- सांस लेने में परेशानी
- पपड़ी का तेजी से फैलना
कबूतर की चोंच पर बनी पपड़ी को कैसे साफ करें?
अगर पपड़ी केवल सूखी गंदगी या भोजन की वजह से दिखाई दे रही है, तो उसे जबरदस्ती हटाने के बजाय पहले कारण समझना जरूरी है। चोंच को नाखून, चाकू या किसी नुकीली वस्तु से खुरचने की गलती बिल्कुल न करें। इससे खून निकल सकता है और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।कबूतर को साफ और सुरक्षित जगह रखें तथा उसके लिए ताजा पानी उपलब्ध कराएं। अगर घाव या पपड़ी बीमारी जैसी दिखाई दे रही है, तो घरेलू उपचार करने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह लें।
क्या पपड़ी को खुद से नोचकर हटाना चाहिए?
नहीं। चोंच पर बनी पपड़ी को खींचकर या नोचकर हटाना नुकसानदायक हो सकता है। पपड़ी के नीचे नई त्वचा या संवेदनशील ऊतक हो सकते हैं। जबरदस्ती हटाने से खून निकलने के साथ संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है।
कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?
अगर पपड़ी कुछ दिनों में कम नहीं हो रही है, लगातार बढ़ रही है या उसके साथ ऊपर बताए गए अन्य लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो कबूतर को जल्द से जल्द पशु चिकित्सक को दिखाएं। खासकर एवियन पॉक्स जैसी बीमारी की आशंका होने पर समय पर जांच जरूरी है।अगर घर में कई कबूतर हैं और किसी एक कबूतर में संक्रमण के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो उसे दूसरे पक्षियों से अलग रखना और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना उचित है।
कबूतर की चोंच पर पपड़ी जमने के पीछे चोट, गंदगी, संक्रमण या एवियन पॉक्स जैसे कई कारण हो सकते हैं। केवल पपड़ी देखकर बीमारी का सही कारण पता लगाना मुश्किल है। इसलिए पपड़ी के साथ कबूतर के व्यवहार, खान-पान और मुंह के अंदर दिखाई देने वाले लक्षणों पर भी ध्यान दें। पपड़ी को खुद से नोचने या बिना सलाह दवा लगाने के बजाय जरूरत पड़ने पर पशु चिकित्सक से जांच कराना सबसे सुरक्षित तरीका है।