Pigeon care
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Pigeon Care: कबूतर के मुंह के अंदर या गले के पास पीले या सफेद दाने, गांठ या छाले दिखाई देना सामान्य नहीं माना जाता। कई बार यह ट्राइकोमोनियासिस (कैंकर) जैसी बीमारी का संकेत हो सकता है। यह समस्या कबूतरों में देखी जाती है और समय पर ध्यान न देने पर खाने-पीने तथा सांस लेने में परेशानी बढ़ सकती है।
कबूतर के मुंह या गले में पीले रंग की परत या गांठ दिखाई देने का एक प्रमुख कारण ट्राइकोमोनास गैलिने (Trichomonas gallinae) नामक परजीवी से होने वाला संक्रमण है। इसे आमतौर पर कैंकर कहा जाता है। संक्रमित पक्षी के मुंह या लार के संपर्क में आने से यह संक्रमण दूसरे पक्षियों तक पहुंच सकता है।
हालांकि, मुंह में दिखाई देने वाला हर पीला दाना कैंकर ही हो, यह जरूरी नहीं है। चोट, फंगल या बैक्टीरियल संक्रमण और अन्य मुंह संबंधी समस्याएं भी ऐसे लक्षण पैदा कर सकती हैं।
अगर कबूतर के मुंह में पीले दानों के साथ नीचे दिए गए संकेत दिखाई दें, तो उसे ध्यान से देखना चाहिए:
गंभीर स्थिति में मुंह या गले में बनने वाले घाव भोजन और सांस की नली को प्रभावित कर सकते हैं।
ट्राइकोमोनास संक्रमण संक्रमित पक्षी की लार या उसके संपर्क में आए पानी और भोजन से फैल सकता है। इसलिए एक ही पानी के बर्तन या भोजन की जगह इस्तेमाल करने वाले पक्षियों में संक्रमण फैलने का जोखिम हो सकता है। कबूतर के बच्चे भी संक्रमित माता-पिता से संक्रमण प्राप्त कर सकते हैं।
सबसे पहले कबूतर को दूसरे पक्षियों से अलग रखें और उसके लिए साफ पानी और साफ भोजन के बर्तन का इस्तेमाल करें। मुंह में मौजूद पीली गांठ या परत को खुद निकालने की कोशिश न करें। इससे चोट या रक्तस्राव हो सकता है।अगर कबूतर खाना नहीं खा रहा, बहुत कमजोर है या सांस लेने में परेशानी हो रही है, तो उसे जल्द से जल्द एवियन या पक्षी विशेषज्ञ पशु चिकित्सक को दिखाएं। डॉक्टर जांच के बाद कारण की पुष्टि कर उचित उपचार बता सकते हैं।कबूतर के मुंह में पीले दाने या छाले को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह कैंकर यानी ट्राइकोमोनियासिस का संकेत हो सकता है, लेकिन केवल देखकर बीमारी की पुष्टि नहीं की जा सकती। खासकर अगर कबूतर के साथ खाना छोड़ने, वजन कम होने, निगलने में परेशानी या सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण भी हैं, तो समय पर पशु चिकित्सक से जांच कराना जरूरी है।
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