Parrot
Parrot: घर में तोते के छोटे बच्चे हैं तो उनकी देखभाल करना किसी चुनौती से कम नहीं है। खासकर जब बात उन्हें खाना खिलाने की आती है तो कई लोग हाथ से खाना खिलाने (Hand Feeding) का तरीका अपनाते हैं। इससे बच्चे को खाना खिलाना और उसकी जरूरतों का ध्यान रखना आसान हो सकता है। लेकिन क्या तोते के बच्चे को हाथ से खाना खिलाना वास्तव में सुरक्षित है? इसका जवाब है- हां, लेकिन इसके लिए सही जानकारी, अनुभव और सावधानी जरूरी है। गलत तरीके से खाना खिलाने पर बच्चे की जान भी खतरे में पड़ सकती है। आइए जानते हैं कि तोते के बच्चे को हाथ से खाना खिलाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
क्या तोते के बच्चे को हाथ से खाना खिलाना सुरक्षित है?
तोते के बच्चे को हाथ से खाना खिलाना सुरक्षित हो सकता है, लेकिन यह काम प्रशिक्षित व्यक्ति या पक्षियों की देखभाल का अनुभव रखने वाले व्यक्ति को ही करना चाहिए। नवजात तोते बहुत नाजुक होते हैं। उनका पाचन तंत्र पूरी तरह विकसित नहीं होता और उन्हें सही तापमान पर तैयार किया गया विशेष फॉर्मूला फूड चाहिए होता है।
अगर खाना गलत तरीके से खिलाया जाए या उसकी मात्रा ज्यादा हो जाए तो बच्चे को कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं। इसलिए बिना जानकारी के तोते के बच्चे को हाथ से खाना खिलाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
तोते के बच्चे को क्या खिलाना चाहिए?
छोटे तोते को सामान्य घर का खाना, दूध, रोटी या चावल खिलाना सही नहीं है। उसके लिए बाजार में उपलब्ध विशेष बेबी बर्ड हैंड-फीडिंग फॉर्मूला इस्तेमाल किया जाता है। यह फॉर्मूला तोते के बच्चे की उम्र और प्रजाति के अनुसार पोषण देने के लिए तैयार किया जाता है।
फॉर्मूला बनाते समय साफ पानी का इस्तेमाल करें और पैकेट पर दिए गए निर्देशों का पालन करें। इसे हर बार ताजा तैयार करना चाहिए। बचा हुआ फॉर्मूला दोबारा इस्तेमाल न करें, क्योंकि उसमें बैक्टीरिया पनप सकते हैं।
तोते के बच्चे को कितनी बार खाना खिलाना चाहिए?
तोते के बच्चे को कितनी बार खाना देना है, यह उसकी उम्र, प्रजाति, वजन और फसल (Crop) के खाली होने की स्थिति पर निर्भर करता है। बहुत छोटे बच्चों को आमतौर पर ज्यादा बार भोजन की जरूरत होती है, जबकि बड़े होने पर फीडिंग की संख्या कम हो सकती है।
ध्यान रखें कि केवल उम्र देखकर भोजन न दें। हर बार खाना खिलाने से पहले यह देखना जरूरी है कि बच्चे की क्रॉप यानी गले के नीचे भोजन जमा होने वाली थैली खाली हुई है या नहीं। अगर क्रॉप खाली नहीं हुई है तो जबरदस्ती दोबारा खाना न खिलाएं। क्रॉप लंबे समय तक खाली न होने पर पशु चिकित्सक से संपर्क करें।
हाथ से खाना खिलाते समय इन 5 बातों का रखें ध्यान
1. साफ-सफाई का रखें ध्यान: खाना खिलाने से पहले अपने हाथ अच्छी तरह धोएं। इस्तेमाल किए जाने वाले बर्तन और उपकरण भी साफ होने चाहिए। इससे संक्रमण का खतरा कम होता है।
2. सही तापमान पर दें खाना: हैंड-फीडिंग फॉर्मूला न तो बहुत गर्म होना चाहिए और न ही बहुत ठंडा। गलत तापमान से बच्चे की क्रॉप जल सकती है या पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है। फॉर्मूला का तापमान थर्मामीटर से जांचें और निर्माता या एवियन वेट के निर्देशों का पालन करें।
3. जबरदस्ती खाना न खिलाएं: अगर तोते का बच्चा खाना निगलने के लिए तैयार नहीं है तो उसे जबरदस्ती खिलाने की कोशिश न करें। ऐसा करने से खाना उसकी सांस की नली में जा सकता है।
4. सही उपकरण का इस्तेमाल करें: खाना खिलाने के लिए साफ और सुरक्षित फीडिंग उपकरण का इस्तेमाल करें। बिना प्रशिक्षण के सिरिंज या अन्य उपकरण से खाना खिलाना खतरनाक हो सकता है।
5. बच्चे के वजन पर नजर रखें: तोते के बच्चे का वजन नियमित रूप से ग्राम स्केल पर मापें। अगर उसका वजन लगातार कम हो रहा है या वह सुस्त दिखाई दे रहा है तो एवियन वेट से सलाह लें।
तोते के बच्चे को गलत तरीके से खाना खिलाने के क्या नुकसान हो सकते हैं?
हैंड फीडिंग के दौरान छोटी-सी गलती भी तोते के बच्चे के लिए गंभीर समस्या पैदा कर सकती है। गलत तरीके से खाना खिलाने पर उसे एस्पिरेशन हो सकता है, यानी खाना या फॉर्मूला सांस की नली और फेफड़ों में पहुंच सकता है। इससे सांस लेने में परेशानी और संक्रमण हो सकता है।
इसके अलावा, बहुत गर्म फॉर्मूला क्रॉप को जला सकता है। गलत मात्रा या तापमान से पाचन संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं। गंदे उपकरणों से बैक्टीरियल संक्रमण का खतरा रहता है।
क्या मां तोते से ही बच्चे को खाना खिलाना बेहतर है?
अगर मां तोता अपने बच्चों की सही तरीके से देखभाल कर रही है और बच्चे का वजन सामान्य रूप से बढ़ रहा है तो उसे प्राकृतिक तरीके से ही बच्चों को खिलाने देना बेहतर होता है। मां-बाप तोते बच्चों को भोजन देने के साथ-साथ उन्हें गर्म रखने और सुरक्षित रखने में भी मदद करते हैं।
बिना किसी जरूरी कारण के बच्चों को घोंसले से निकालकर हाथ से खाना खिलाना शुरू नहीं करना चाहिए। अगर माता-पिता बच्चे को खाना नहीं खिला रहे हैं, उसे नुकसान पहुंचा रहे हैं या बच्चा कमजोर हो रहा है तो तुरंत पक्षियों के विशेषज्ञ पशु चिकित्सक की मदद लें।
तोते के बच्चे को हाथ से खाना खिलाना सुरक्षित हो सकता है, लेकिन इसके लिए सही प्रशिक्षण और विशेष सावधानियों की जरूरत होती है। गलत फॉर्मूला, गलत तापमान और जबरदस्ती खाना खिलाने से बच्चे की जान को खतरा हो सकता है। इसलिए अगर मां तोता बच्चे की अच्छी देखभाल कर रही है तो प्राकृतिक फीडिंग को प्राथमिकता दें। जरूरत पड़ने पर हैंड फीडिंग शुरू करने से पहले एवियन वेट से सही तरीका सीखें।