Dr nagender yadav
Pigeon Care in September: सितंबर का महीना आते ही मौसम में बदलाव शुरू हो जाता है। कई जगहों पर बारिश और उमस का असर बना रहता है, जबकि सुबह-शाम तापमान में भी अंतर देखने को मिलता है। ऐसे मौसम में कबूतरों की देखभाल पर थोड़ा ज्यादा ध्यान देना जरूरी हो जाता है। साफ पानी, पौष्टिक भोजन और सूखी जगह कबूतरों को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।
कबूतर के रहने की जगह रखें साफ और सूखी
सितंबर में बारिश की वजह से कबूतरों के दड़बे या घोंसले में नमी हो सकती है। गीली और गंदी जगह पर रहने से कबूतरों को संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए उनके रहने की जगह को नियमित रूप से साफ करें और कोशिश करें कि वहां पानी जमा न हो।
साफ पानी देना है बेहद जरूरी
कबूतरों के लिए हर समय साफ और ताजा पानी उपलब्ध होना चाहिए। पानी का बर्तन रोज साफ करके उसमें नया पानी भरें। अगर बर्तन में गंदगी या काई जमा हो गई है तो उसे अच्छी तरह धोना जरूरी है।
खाने में दें पौष्टिक अनाज
कबूतरों को संतुलित आहार देना उनकी सेहत के लिए जरूरी है। बाजरा, ज्वार, गेहूं और मक्का जैसे अनाज उनके भोजन का हिस्सा हो सकते हैं। भोजन हमेशा साफ और सूखी जगह पर रखें, ताकि उसमें नमी या फफूंद न लगे।
बारिश और ठंडी हवा से करें बचाव
सितंबर में अचानक बारिश होने पर कबूतरों को भीगने से बचाने के लिए सुरक्षित जगह उपलब्ध होनी चाहिए। उनका ठिकाना ऐसा हो जहां बारिश का पानी सीधे अंदर न आए, लेकिन हवा का पर्याप्त आवागमन बना रहे।
अगर घोंसले में बच्चे हैं तो रखें खास ध्यान
अगर कबूतर ने घोंसला बनाया है और उसमें छोटे बच्चे हैं, तो घोंसले को बार-बार छेड़ने से बचें। माता-पिता को शांत वातावरण दें और उनके आसपास अनावश्यक शोर न करें। बच्चों के लिए मां-बाप का लगातार भोजन और सुरक्षा उपलब्ध कराना बेहद जरूरी होता है।
बीमारी के संकेतों को न करें नजरअंदाज
अगर कबूतर अचानक खाना कम कर दे, बहुत सुस्त दिखाई दे, सांस लेने में परेशानी हो या लंबे समय तक असामान्य व्यवहार करे, तो उसे सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में पक्षियों का इलाज करने वाले पशु चिकित्सक से सलाह लेना बेहतर है।
सितंबर में कबूतर की देखभाल का सबसे आसान तरीका
सितंबर में कबूतरों को स्वस्थ रखने के लिए तीन चीजों का खास ध्यान रखें—साफ पानी, पौष्टिक भोजन और स्वच्छ एवं सूखी जगह। मौसम में बदलाव के दौरान उनके व्यवहार और स्वास्थ्य पर नजर रखना भी जरूरी है। सही देखभाल से कबूतरों को बारिश, नमी और मौसम में होने वाले बदलाव से होने वाली परेशानियों से बचाने में मदद मिल सकती है।