Pigeon Care Tips in Monsoon
Pigeon Care Tips in Monsoon: मानसून का मौसम जहां धरती को हरियाली और ठंडक प्रदान करता है, वहीं यह पक्षियों, विशेषकर कबूतरों के लिए कई चुनौतियाँ लेकर आता है। बारिश, नमी और ठंडी हवाएं कबूतरों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में यदि आप कबूतर पालते हैं या खुले वातावरण में उनका ख्याल रखते हैं, तो मानसून में उनकी देखभाल के लिए कुछ विशेष सावधानियां बरतनी जरूरी हैं।
1. सूखा और सुरक्षित आश्रय दें
बारिश के मौसम में कबूतरों को सूखी और सुरक्षित जगह चाहिए होती है। उनके पिंजरे या बसेरे को ऐसी जगह रखें जहां बारिश का पानी न पहुंचे। अगर संभव हो, तो पिंजरे को छत या शेड के नीचे रखें ताकि वे भीग न सकें।
2. पिंजरे की सफाई रखें
मानसून में नमी के कारण बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपते हैं। इसलिए कबूतरों के रहने की जगह की नियमित सफाई करें। पुराने पंख, गंदगी और बासी भोजन तुरंत हटाएं।
3. सूखा और पौष्टिक भोजन दें
मानसून में अनाज जल्दी खराब हो सकता है। इसलिए कबूतरों को ताज़ा, सूखा और साफ़ भोजन दें। उनके दाने (जैसे मक्का, बाजरा, गेहूं) को सूखे स्थान पर रखें और हर 2-3 दिन में जांचें कि कहीं उनमें फफूंदी तो नहीं लगी।
4. स्वच्छ पानी की व्यवस्था करें
बारिश में गंदा पानी जमा हो सकता है। कबूतरों को पीने के लिए हमेशा साफ और उबला हुआ (या फ़िल्टर किया हुआ) पानी दें। पानी की कटोरी रोज़ साफ करें।
5. स्वास्थ्य पर ध्यान दें
मानसून में कबूतरों को सर्दी, दस्त, या फंगल इंफेक्शन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अगर वे सुस्त दिखें, खाना न खाएं या आंखों और पंखों में गीलापन दिखे तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें।
6. उड़ान में सावधानी बरतें
बारिश के दौरान कबूतरों को उड़ान के लिए न छोड़ें। गीले पंखों से वे घायल हो सकते हैं या बीमार पड़ सकते हैं। अगर उन्हें बाहर छोड़ते हैं तो मौसम की स्थिति की जांच जरूर करें।
7. प्राकृतिक प्रकाश और हवा का ध्यान रखें
हालांकि बारिश में पिंजरे को ढकना जरूरी है, लेकिन उसे पूरी तरह बंद न करें। कुछ हद तक प्राकृतिक हवा और रोशनी का प्रवेश जरूरी है ताकि नमी कम हो और संक्रमण न फैले।
Psittacosis: क्यों होता है तोता बुखार, जानें लक्षण और रोकने के उपाय