Turtle Care Tips
Turtle Care Tips: आजकल घर में कछुआ पालना ट्रेंड बन चुका है. कोई इसे शुभ मानता है, तो कोई एक अलग तरह का पालतू जानवर समझकर घर ले आता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि कछुआ पालना उतना आसान नहीं जितना दिखता है? अगर आप भी कछुआ घर लाने की सोच रहे हैं, तो पहले ये ज़रूरी बातें जान लें.
हर कछुआ पालना कानूनी नहीं है
भारत में कई कछुओं की प्रजातियाँ संरक्षित (Protected Species) हैं. खासकर Indian Star Tortoise को घर में पालना गैरकानूनी है.यह प्रजाति Wildlife Protection Act के तहत संरक्षित है.अगर आप बिना जानकारी के ऐसे कछुए को घर ले आते हैं, तो आपको कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए खरीदने से पहले उसकी प्रजाति और कानूनी स्थिति ज़रूर जांच लें.
कछुआ कोई शोपीस नहीं, जीवित प्राणी है
कई लोग वास्तु या फेंगशुई के नाम पर कछुआ घर में रखते हैं. लेकिन याद रखें, यह कोई सजावट की वस्तु नहीं बल्कि एक जीवित प्राणी है, जिसे देखभाल, समय और सही वातावरण की ज़रूरत होती है.
कछुए की उम्र
कछुए 20 से 50 साल या उससे भी अधिक समय तक जीवित रह सकते हैं. यानी यह कुछ महीनों का शौक नहीं, बल्कि लंबे समय की जिम्मेदारी है. अगर आप भविष्य में इसकी देखभाल नहीं कर पाएंगे, तो इसे पालने का निर्णय न लें.
सही तापमान और रोशनी जरूरी
कछुए ठंडे खून वाले (Cold-blooded) जीव होते हैं. इन्हें जीवित और स्वस्थ रहने के लिए चाहिए:
- 25–30 डिग्री सेल्सियस तापमान
- UVB लाइट
- साफ और फिल्टर किया हुआ पानी
- गलत वातावरण से इनके शेल (खोल) में सड़न, कमजोरी और हड्डियों की बीमारी हो सकती है.
सही आहार बेहद जरूरी
कई लोग कछुए को ब्रेड या सामान्य दाना खिला देते हैं, जो पूरी तरह गलत है.कछुए के लिए ज़रूरी है.
- हरी पत्तेदार सब्जियाँ
- कैल्शियम युक्त भोजन
- विशेष Turtle Feed
- गलत खानपान से इन्फेक्शन और गंभीर बीमारियाँ हो सकती हैं.
संक्रमण का खतरा
कछुओं से Salmonella बैक्टीरिया फैल सकता है, जो इंसानों खासकर बच्चों के लिए हानिकारक हो सकता है.
इसलिए:
- कछुए को छूने के बाद हाथ धोएँ
- रसोई से दूर रखें
- बच्चों को अकेले न खेलने दें