Pigeon care in summer
Pigeon care in summer: मार्च का महीना मौसम बदलने का संकेत देता है। सर्दी की विदाई और गर्मी की दस्तक के बीच यह समय कबूतरों (Pigeons) के लिए बेहद संवेदनशील होता है। इस दौरान हल्की गर्मी, बदलती हवाएं और धूल-मिट्टी उनके स्वास्थ्य पर असर डाल सकती हैं। अगर आप घर की छत या बालकनी में कबूतरों को दाना-पानी देते हैं, तो इन खास बातों का ध्यान ज़रूर रखें।
ताज़ा और साफ पानी का इंतज़ाम करें
मार्च में तापमान धीरे-धीरे बढ़ने लगता है। ऐसे में कबूतरों को डिहाइड्रेशन (Dehydration) से बचाने के लिए:
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रोज़ाना साफ और ठंडा (लेकिन बहुत ठंडा नहीं) पानी रखें।
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पानी के बर्तन को धूप से बचाकर रखें।
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हर दिन बर्तन को धोकर ही दोबारा पानी भरें।
संतुलित और पोषक दाना दें
मौसम बदलने पर कबूतरों की इम्युनिटी (Immunity) कमजोर हो सकती है। इसलिए:
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बाजरा, ज्वार, मक्का और गेहूं का मिश्रण दें।
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फफूंदी लगा या गीला दाना बिल्कुल न रखें।
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हफ्ते में एक-दो बार मिनरल मिक्स या कैल्शियम सप्लीमेंट (अगर पालतू कबूतर हैं) दे सकते हैं।
साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें
मार्च में धूल और पराग (Pollen) ज्यादा उड़ते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ता है।
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बैठने की जगह और घोंसले की नियमित सफाई करें।
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गीली और गंदी जगहों से बचाएं।
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हफ्ते में एक बार हल्का कीटाणुनाशक (bird-safe disinfectant) इस्तेमाल करें।
धूप और हवा का सही संतुलन
कबूतरों को हल्की धूप फायदेमंद होती है, लेकिन तेज दोपहर की धूप से बचाना जरूरी है।
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सुबह की धूप में बैठने दें।
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दोपहर में छांव की व्यवस्था रखें।
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तेज हवा या आंधी आने पर सुरक्षित कोना दें।
बीमारी के लक्षण पहचानें
मौसम बदलने पर कबूतरों में सर्दी-जुकाम या संक्रमण हो सकता है। ध्यान दें:
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सुस्ती या उड़ान में कमी
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आंख या नाक से पानी आना
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पंख झुके रहना
ऐसे लक्षण दिखें तो नजदीकी पशु चिकित्सक (Veterinary Doctor) से सलाह लें।
खास टिप
मार्च प्रजनन (Breeding Season) की शुरुआत का भी समय होता है। अगर आपके आसपास कबूतर घोंसला बना रहे हैं, तो उन्हें परेशान न करें और शांत वातावरण दें।