Turtle Care Tips
Turtle Care Tips: दुनिया में कई ऐसे जीव हैं जो अपनी खास खूबियों की वजह से लोगों को हैरान कर देते हैं। इन्हीं में से एक है कछुआ। कछुए को धरती के सबसे लंबे समय तक जीवित रहने वाले जीवों में गिना जाता है। कुछ कछुए 100 साल से भी ज्यादा जी लेते हैं, जबकि कुछ प्रजातियों की उम्र 150 से 200 साल तक बताई जाती है। आखिर ऐसा क्या खास है कि कछुए इतनी लंबी जिंदगी जीते हैं? इसके पीछे कई वैज्ञानिक कारण छिपे हुए हैं।
धीमा मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है उम्र
वैज्ञानिकों के मुताबिक कछुओं का मेटाबॉलिज्म यानी शरीर की ऊर्जा खर्च करने की प्रक्रिया बहुत धीमी होती है। यही वजह है कि उनका शरीर धीरे-धीरे काम करता है और कोशिकाएं जल्दी खराब नहीं होतीं। जिन जीवों का मेटाबॉलिज्म तेज होता है, उनकी उम्र आमतौर पर कम होती है। वहीं कछुए कम ऊर्जा खर्च करते हैं, जिससे उनका शरीर लंबे समय तक स्वस्थ बना रहता है।
मजबूत कवच देता है सुरक्षा
कछुए का कठोर कवच उसकी सबसे बड़ी ताकत माना जाता है। यह कवच उसे शिकारियों और बाहरी खतरों से बचाता है। दूसरे जानवरों की तुलना में कछुए पर हमले का खतरा कम होता है, इसलिए उसकी मौत के चांस भी कम रहते हैं।सुरक्षित जीवन भी उनकी लंबी उम्र का बड़ा कारण माना जाता है।
कोशिकाओं की मरम्मत करने की क्षमता
रिसर्च में पाया गया है कि कछुओं के शरीर में कोशिकाओं को रिपेयर करने की क्षमता काफी बेहतर होती है। उनके शरीर में उम्र बढ़ने की प्रक्रिया धीरे होती है।वैज्ञानिकों का मानना है कि कछुओं में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम होता है, जिससे शरीर की कोशिकाएं लंबे समय तक स्वस्थ रहती हैं।
तनाव कम लेना भी है वजह
कछुए बेहद शांत स्वभाव के होते हैं। वे ज्यादा भागदौड़ नहीं करते और आराम से जीवन बिताते हैं। कम तनाव और संतुलित जीवनशैली भी उनकी लंबी उम्र में मदद करती है।
कुछ कछुए सदियों तक जीते हैं
विशालकाय गैलापागोस और एल्डाब्रा कछुए दुनिया के सबसे ज्यादा उम्र वाले जीवों में शामिल हैं। कई कछुओं की उम्र 150 साल से भी ज्यादा रिकॉर्ड की गई है।
वैज्ञानिक आज भी कर रहे हैं रिसर्च
कछुओं की लंबी उम्र आज भी वैज्ञानिकों के लिए रिसर्च का विषय बनी हुई है। वैज्ञानिक यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर कछुए इतनी धीमी गति से बूढ़े क्यों होते हैं। माना जाता है कि भविष्य में इस रिसर्च से इंसानों की उम्र बढ़ाने से जुड़ी नई जानकारियां भी मिल सकती हैं।
कछुए की लंबी उम्र के पीछे उसका धीमा मेटाबॉलिज्म, मजबूत कवच, शांत जीवनशैली और कोशिकाओं की बेहतर मरम्मत क्षमता अहम भूमिका निभाती है। यही कारण है कि कछुआ धरती के सबसे लंबे समय तक जीवित रहने वाले जीवों में शामिल है।