Parrot Care
Parrot Care: तोता सिर्फ एक खूबसूरत पक्षी ही नहीं, बल्कि काफी सोशल और बुद्धिमान पालतू पक्षी भी होता है। वह अपने मालिक और आसपास के लोगों से जल्दी घुल-मिल जाता है। ऐसे में अगर उसे लंबे समय तक अकेला छोड़ दिया जाए तो उसके व्यवहार और सेहत पर असर पड़ सकता है। कई बार अकेलेपन की वजह से तोता चिड़चिड़ा, शांत या आक्रामक हो सकता है। कुछ तोते तनाव में अपने पंख नोचना भी शुरू कर देते हैं।इसलिए अगर आप घर में तोता पालते हैं और काम या किसी अन्य वजह से कई घंटे बाहर रहते हैं, तो यह जानना जरूरी है कि आपका तोता कितनी देर तक अकेला रह सकता है और उसे अकेलेपन से कैसे बचाया जा सकता है।
तोते को अकेला छोड़ने पर क्या होता है?
तोते की अलग-अलग प्रजातियों और उसके स्वभाव के अनुसार अकेले रहने की क्षमता अलग हो सकती है। सामान्य तौर पर कुछ घंटे अकेले रहना स्वस्थ और अच्छी तरह से एडजस्टेड तोते के लिए संभव हो सकता है, लेकिन रोजाना लंबे समय तक अकेला रखना सही नहीं माना जाता।लंबे समय तक अकेले रहने पर तोते में ये बदलाव दिखाई दे सकते हैं.
1. तोता तनाव में आ सकता है
तोते सामाजिक पक्षी होते हैं। लंबे समय तक इंसानों या दूसरे पक्षियों से संपर्क न होने पर उन्हें तनाव हो सकता है। वह बार-बार आवाज निकाल सकता है या असामान्य तरीके से व्यवहार कर सकता है।
2. पंख नोचने की समस्या
कुछ तोते बोरियत या तनाव के कारण अपने पंख चबाने या नोचने लगते हैं। अगर यह आदत लगातार बनी रहे तो पंखों को नुकसान पहुंचने के साथ त्वचा पर चोट भी हो सकती है।
3. ज्यादा चिल्लाना
अगर तोता आपके घर लौटने के बाद लगातार तेज आवाज में चिल्लाता है, तो यह केवल शरारत नहीं हो सकती। कई बार वह ध्यान आकर्षित करने या अकेलेपन की प्रतिक्रिया में ऐसा करता है।
4. चिड़चिड़ापन और आक्रामकता
अकेलेपन और बोरियत के कारण कुछ तोते अपने मालिक को काटने या दूसरे पक्षियों के प्रति आक्रामक व्यवहार करने लगते हैं।
5. बोरियत और निष्क्रियता
पर्याप्त मानसिक उत्तेजना न मिलने पर तोता अपने खिलौनों में रुचि खो सकता है, कम एक्टिव हो सकता है और लंबे समय तक एक ही जगह बैठा रह सकता है।
तोता कितने घंटे अकेला रह सकता है?
इसका कोई एक निश्चित समय सभी तोतों पर लागू नहीं होता। छोटे, स्वस्थ और वयस्क तोते अगर भोजन, पानी, सुरक्षित वातावरण और मानसिक गतिविधियों की उचित व्यवस्था हो तो कुछ घंटों के लिए अकेले रह सकते हैं।अगर आप रोजाना लंबे समय तक घर से बाहर रहते हैं, तो तोते को लगातार कई घंटे अकेला रखने के बजाय उसके लिए सामाजिक संपर्क, खिलौने और मानसिक गतिविधियों की व्यवस्था करना बेहतर है।छोटे बच्चों वाले, बीमार, घायल, बहुत कम उम्र के या हाल ही में घर आए तोते को लंबे समय तक अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। ऐसे पक्षियों को ज्यादा निगरानी और देखभाल की जरूरत होती है।
अगर 6-8 घंटे घर से बाहर रहते हैं तो क्या करें?
अगर आपकी नौकरी या किसी अन्य वजह से आपको कई घंटे घर से बाहर रहना पड़ता है, तो तोते के लिए ऐसा माहौल तैयार करें जिसमें वह सुरक्षित और व्यस्त रह सके।
- पिंजरे में अलग-अलग तरह के सुरक्षित खिलौने रखें।
- खिलौनों को समय-समय पर बदलते रहें ताकि उसे बोरियत न हो।
- पर्याप्त साफ पानी उपलब्ध रखें।
- उसकी जरूरत के मुताबिक भोजन की व्यवस्था करें।
- पिंजरे को ऐसी सुरक्षित जगह रखें जहां दिन के समय कुछ गतिविधि दिखाई दे।
- घर लौटने के बाद उसके साथ पर्याप्त समय बिताएं।
- तोते को रोज मानसिक और शारीरिक गतिविधि का मौका दें।
- अगर संभव हो तो सुरक्षित वातावरण में उसे पिंजरे से बाहर निकलकर एक्टिव होने का समय दें।
क्या दूसरा तोता पालने से अकेलापन खत्म हो जाएगा?
कई लोग सोचते हैं कि दूसरा तोता लाने से पहला तोता कभी अकेला महसूस नहीं करेगा। ऐसा जरूरी नहीं है। हर तोते का स्वभाव अलग होता है। दो पक्षियों को साथ रखने से पहले उनकी प्रजाति, स्वभाव और आपसी अनुकूलता को ध्यान में रखना चाहिए।नए पक्षी को सीधे पुराने तोते के साथ रखने के बजाय उचित तरीके से परिचय कराना जरूरी है। नए पक्षी को घर लाने पर स्वास्थ्य जांच और आवश्यकता के अनुसार क्वारंटीन भी महत्वपूर्ण हो सकता है।
कैसे पता चले कि तोता अकेलेपन से परेशान है?
अगर तोते में अचानक ये बदलाव दिखाई दें तो उसके व्यवहार पर ध्यान दें:
- लगातार चिल्लाना
- पंख नोचना या चबाना
- खुद को बार-बार काटना
- पहले से ज्यादा आक्रामक होना
- खिलौनों या आसपास की चीजों में रुचि कम होना
- बहुत ज्यादा शांत या निष्क्रिय हो जाना
- मालिक के घर लौटने पर अत्यधिक ध्यान मांगना
- खाने या सामान्य गतिविधियों में बदलाव
हालांकि इन लक्षणों को सिर्फ अकेलेपन की वजह मानना सही नहीं है। बीमारी, दर्द, खराब डाइट या पर्यावरण में बदलाव भी ऐसे व्यवहार का कारण हो सकते हैं।
तोते को खुश और एक्टिव रखने के आसान तरीके
तोते को सिर्फ भोजन और पानी देना पर्याप्त नहीं है। उसकी मानसिक जरूरतों का ध्यान रखना भी जरूरी है। उसके लिए सुरक्षित चबाने वाले खिलौने, फॉरजिंग गतिविधियां और उम्र व प्रजाति के हिसाब से खेल उपलब्ध कराएं।घर लौटने के बाद कुछ समय उसके साथ बातचीत करें। कई तोते अपने मालिक की आवाज सुनना और उससे इंटरैक्ट करना पसंद करते हैं। हालांकि हर तोते की पसंद और स्वभाव अलग होता है।
कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए?
अगर तोता अचानक खाना-पीना कम कर दे, लगातार पंख नोचे, सुस्त रहे, सांस लेने में परेशानी दिखाए, वजन कम हो या उसके व्यवहार में अचानक बड़ा बदलाव आए तो इसे केवल अकेलेपन की समस्या न समझें। पक्षियों में बीमारी के लक्षण जल्दी गंभीर हो सकते हैं, इसलिए ऐसे मामलों में एवियन या पक्षियों के विशेषज्ञ पशु चिकित्सक से सलाह लेना बेहतर है। तोते को कुछ घंटों के लिए अकेला छोड़ना परिस्थितियों के अनुसार संभव हो सकता है, लेकिन उसे रोजाना लंबे समय तक अकेले रखना उसकी मानसिक और शारीरिक सेहत के लिए अच्छा नहीं है। अगर आप कई घंटे बाहर रहते हैं तो भोजन-पानी के साथ उसके लिए सुरक्षित खिलौने, मानसिक गतिविधियां और पर्याप्त सामाजिक संपर्क सुनिश्चित करें। साथ ही, उसके व्यवहार में अचानक बदलाव दिखाई दे तो पशु चिकित्सक की सलाह जरूर लें।