Aquarium Fish
Why Aquarium Fish Die: घर में एक्वेरियम रखना लोगों को काफी पसंद होता है, लेकिन कई बार अच्छी देखभाल के बावजूद एक्वेरियम की मछली मरने लगती है। मछली की अचानक मौत के पीछे सिर्फ बीमारी ही जिम्मेदार नहीं होती। खराब पानी, ऑक्सीजन की कमी, जरूरत से ज्यादा खाना और एक्वेरियम में बहुत अधिक मछलियां रखना भी इसके बड़े कारण हो सकते हैं। अगर आप घर में मछलियां पालते हैं, तो इन सामान्य गलतियों से बचना बेहद जरूरी है।
एक्वेरियम की मछली क्यों मरती है?
एक्वेरियम की मछली मरने के कई कारण हो सकते हैं। सबसे पहले पानी की गुणवत्ता, तापमान, ऑक्सीजन और मछली के खान-पान पर ध्यान देना चाहिए। अगर एक्वेरियम में बार-बार मछलियां मर रही हैं, तो इसे सामान्य बात समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
1. एक्वेरियम का पानी खराब होना
मछलियों के लिए पानी की गुणवत्ता सबसे महत्वपूर्ण होती है। मछलियों की बीट, बचा हुआ खाना और दूसरे जैविक पदार्थ पानी में जमा होने पर अमोनिया और नाइट्राइट जैसे हानिकारक पदार्थ बढ़ सकते हैं। इससे मछलियों पर गंभीर असर पड़ सकता है।
इसलिए एक्वेरियम के पानी की नियमित जांच करें और जरूरत के अनुसार आंशिक रूप से पानी बदलते रहें। सिर्फ ऊपर से थोड़ा पानी डालते रहना पर्याप्त नहीं होता।
2. मछलियों को जरूरत से ज्यादा खाना देना
एक्वेरियम की मछली मरने का एक बड़ा कारण ओवरफीडिंग भी हो सकता है। कई लोग मछलियों को बार-बार खाना देते हैं, लेकिन बचा हुआ फिश फूड पानी में जमा होकर सड़ने लगता है। इससे पानी की गुणवत्ता खराब हो सकती है और हानिकारक पदार्थ बढ़ सकते हैं।
मछलियों को उनकी प्रजाति और आकार के अनुसार उचित मात्रा में ही भोजन दें।
3. पानी में ऑक्सीजन की कमी
अगर मछलियां बार-बार पानी की सतह पर आ रही हैं या तेजी से सांस ले रही हैं, तो एक्वेरियम में ऑक्सीजन की कमी हो सकती है। ज्यादा मछलियां रखना, खराब पानी का सर्कुलेशन और कुछ अन्य परिस्थितियां ऑक्सीजन का स्तर कम कर सकती हैं।
एक्वेरियम के आकार और मछलियों की जरूरत के अनुसार उचित एयर पंप, एयर स्टोन या फिल्ट्रेशन सिस्टम का इस्तेमाल किया जा सकता है।
4. एक्वेरियम में जरूरत से ज्यादा मछलियां रखना
छोटे टैंक में बहुत ज्यादा मछलियां रखने से पानी जल्दी खराब होता है। इससे ऑक्सीजन की मांग बढ़ सकती है और मछलियों के बीच तनाव भी बढ़ सकता है।
इसलिए एक्वेरियम खरीदते समय सिर्फ उसकी खूबसूरती न देखें, बल्कि उसमें रखी जाने वाली मछलियों की संख्या और प्रजाति की जरूरतों का भी ध्यान रखें।
5. पानी का तापमान अचानक बदलना
अचानक बहुत गर्म या बहुत ठंडे पानी में मछली डालने से उसे तनाव हो सकता है। अलग-अलग प्रजातियों की मछलियों को अलग तापमान की जरूरत हो सकती है।
नई मछली को एक्वेरियम में डालते समय उसे धीरे-धीरे नए पानी के तापमान के अनुकूल करना बेहतर होता है।
6. फिल्टर की सही तरीके से देखभाल न करना
एक्वेरियम का फिल्टर पानी से गंदगी हटाने और जैविक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। फिल्टर लंबे समय तक बंद रहने या बहुत ज्यादा गंदा होने पर पानी की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
फिल्टर की सफाई करते समय उसे पूरी तरह से नष्ट करने या सभी जैविक मीडिया को एक साथ बदलने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे एक्वेरियम का जरूरी जैविक संतुलन प्रभावित हो सकता है।
7. नई मछली को सीधे टैंक में डाल देना
नई मछली को बिना अनुकूलन के सीधे एक्वेरियम में डालना उसके लिए तनावपूर्ण हो सकता है। इसके अलावा नई मछली के साथ बीमारी या परजीवी आने का जोखिम भी रहता है।
संभव हो तो नई मछली को कुछ समय अलग रखकर उसकी सेहत पर नजर रखें और फिर मुख्य एक्वेरियम में शामिल करें।
8. बीमारी के शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज करना
अगर मछली खाना छोड़ दे, लगातार एक जगह पड़ी रहे, तेजी से सांस ले, शरीर पर सफेद धब्बे दिखाई दें, पंख खराब होने लगें या वह असामान्य तरीके से तैरने लगे, तो इन संकेतों को नजरअंदाज न करें।
ऐसे लक्षण बीमारी के अलावा खराब पानी या तनाव की वजह से भी हो सकते हैं। इसलिए सबसे पहले पानी के पैरामीटर की जांच करें और समस्या बनी रहने पर एक्वेटिक वेटरिनेरियन या अनुभवी विशेषज्ञ से सलाह लें।
एक्वेरियम की मछलियों को मरने से कैसे बचाएं?
मछलियों को स्वस्थ रखने के लिए एक्वेरियम के पानी की नियमित जांच करें, जरूरत के अनुसार आंशिक पानी बदलें और सही मात्रा में खाना दें। टैंक में जरूरत से ज्यादा मछलियां न रखें और फिल्टर, एयर पंप तथा हीटर जैसे उपकरणों की नियमित जांच करते रहें। अगर एक ही एक्वेरियम में बार-बार मछलियां मर रही हैं, तो सिर्फ नई मछली डालने के बजाय पहले पानी की गुणवत्ता और टैंक के रखरखाव की जांच करना जरूरी है। इससे समस्या की असली वजह पता लगाने में मदद मिल सकती है।
डिस्क्लेमर: मछली की मौत के पीछे अलग-अलग कारण हो सकते हैं। लगातार मछलियों के बीमार होने या मरने की स्थिति में विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।