Pigon
Pigon Care: कबूतर की नाक बंद होना सामान्य समस्या नहीं है। अगर कबूतर बार-बार छींक रहा है, नाक से आवाज आ रही है या सांस लेने में परेशानी हो रही है, तो इसके पीछे धूल-मिट्टी से लेकर संक्रमण तक कई कारण हो सकते हैं। खासकर अगर नाक बंद होने के साथ कबूतर सुस्त रहने लगे, खाना कम कर दे या मुंह खोलकर सांस लेने लगे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
धूल और गंदगी के कारण नाक हो सकती है बंद
कबूतर अक्सर धूल, मिट्टी और गंदगी वाली जगहों पर रहते हैं। इनके बारीक कण नाक के रास्ते में जमा होकर जलन या रुकावट पैदा कर सकते हैं। पिंजरे या आसपास की जगह में ज्यादा धूल होने पर समस्या बढ़ सकती है।
नाक या श्वसन तंत्र का संक्रमण
बैक्टीरियल, वायरल या अन्य संक्रमण के कारण कबूतर की नाक और श्वसन तंत्र प्रभावित हो सकता है। ऐसी स्थिति में छींक, नाक से पानी या गाढ़ा डिस्चार्ज, आंखों से पानी और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
फंगल संक्रमण भी हो सकता है कारण
कबूतरों में कुछ फंगल संक्रमण श्वसन तंत्र को प्रभावित कर सकते हैं। गीली, सीलन वाली या खराब तरीके से साफ की गई जगह में रहने से संक्रमण का जोखिम बढ़ सकता है। अगर कबूतर लंबे समय से सांस लेने में परेशानी महसूस कर रहा है, तो पशु चिकित्सक से जांच कराना जरूरी है।
नाक में बाहरी कण फंसना
कभी-कभी दाने, धूल या कोई छोटा कण नाक के रास्ते में फंस सकता है। इससे कबूतर बार-बार छींक सकता है या अपनी चोंच से नाक को साफ करने की कोशिश कर सकता है। ऐसी स्थिति में खुद किसी नुकीली चीज से नाक साफ करने की कोशिश बिल्कुल न करें।
ट्राइकोमोनियासिस जैसी बीमारी
कबूतरों में ट्राइकोमोनियासिस एक महत्वपूर्ण संक्रमण है, जिसमें मुंह और गले के अंदर पीले या सफेद रंग के पनीर जैसे घाव दिखाई दे सकते हैं। गंभीर स्थिति में ये घाव निगलने और सांस लेने में परेशानी पैदा कर सकते हैं। अगर मुंह के अंदर असामान्य पदार्थ या घाव के साथ सांस लेने में दिक्कत दिखे, तो तुरंत विशेषज्ञ की सलाह लें।
कब तुरंत डॉक्टर को दिखाएं?
अगर कबूतर मुंह खोलकर सांस ले रहा है, सांस लेते समय आवाज आ रही है, गर्दन आगे की ओर खींचकर सांस ले रहा है, नाक से गाढ़ा डिस्चार्ज निकल रहा है, खाना-पानी छोड़ रहा है या बहुत सुस्त है, तो उसे जल्द से जल्द पक्षियों के इलाज में अनुभवी पशु चिकित्सक को दिखाएं।
कबूतर को धूल, धुएं और तेज गंध से दूर रखें और रहने की जगह साफ व सूखी रखें। बिना पशु चिकित्सक की सलाह के इंसानों की दवा, एंटीबायोटिक या नेजल ड्रॉप न दें। सही इलाज के लिए नाक बंद होने के मूल कारण का पता लगाना जरूरी है।