Conure Parrot
Parrot Care: तोते की चोंच उसके शरीर का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है। वह चोंच की मदद से खाना खाता है, चीजों को पकड़ता है और अपने पंखों की सफाई भी करता है। कई बार तोते की चोंच पर सफेद, सूखी या पपड़ी जैसी परत दिखाई देने लगती है। इसे देखकर कई पालक चिंता करने लगते हैं। हालांकि, हर बार चोंच पर सफेद परत किसी बीमारी का संकेत नहीं होती, लेकिन अगर इसके साथ चोंच का आकार बदल रहा है, खुजली हो रही है या तोता खाना खाने में परेशानी महसूस कर रहा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
चोंच पर सफेद परत जमने के क्या कारण हैं?
तोते की चोंच पर हल्की सफेद या सूखी परत बनने की एक वजह चोंच की सामान्य बाहरी परत का बढ़ना और पुरानी परत का निकलना हो सकता है। चोंच लगातार बढ़ती रहती है और तोता उसे अलग-अलग चीजों पर रगड़कर प्राकृतिक रूप से घिसता रहता है। ऐसे में हल्का खुरदरापन या सूखापन सामान्य हो सकता है।लेकिन अगर सफेद परत मोटी, असामान्य या पपड़ीदार दिखाई दे रही है, तो इसके पीछे संक्रमण या परजीवी की समस्या भी हो सकती है। खासकर छोटे तोतों में scaly face mites (Knemidokoptes mites) जैसे परजीवी चोंच और उसके आसपास की त्वचा पर पपड़ीदार सफेद जमाव पैदा कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में नथुनों के आसपास भी सफेद या छत्ते जैसी परत दिखाई दे सकती है।
कभी-कभी पोषण की कमी, खराब डाइट, अत्यधिक सूखापन या चोंच पर चोट की वजह से भी चोंच की बनावट असामान्य दिखाई दे सकती है। इसलिए केवल सफेद परत देखकर खुद से बीमारी तय करना सही नहीं है।
किन लक्षणों के साथ तुरंत ध्यान देना चाहिए?
अगर सफेद परत के साथ तोते की चोंच असामान्य रूप से बढ़ रही है, टेढ़ी हो रही है या उसमें दरार दिखाई दे रही है, तो पशु चिकित्सक से जांच करवानी चाहिए। इसके अलावा नथुनों के आसपास पपड़ी, चेहरे पर खुरदरापन, लगातार खुजली, चोंच रगड़ना, खाना खाने में परेशानी, कमजोरी या वजन कम होना भी चिंता के संकेत हो सकते हैं।अगर तोता सामान्य रूप से खा-पी रहा है और चोंच पर केवल हल्का सूखापन है, तो स्थिति अलग हो सकती है। फिर भी परत लगातार बढ़ रही हो तो जांच जरूरी है।
बचाव के लिए क्या करें?
तोते को संतुलित और प्रजाति के अनुसार उचित डाइट दें। केवल बीजों पर निर्भर रहने के बजाय उसकी जरूरत के अनुसार पौष्टिक भोजन, उपयुक्त सब्जियां और सुरक्षित खाद्य पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं। साफ पानी हर समय उपलब्ध रखें।
पिंजरे, बैठने की डंडियों, खाने के बर्तन और आसपास की जगह को नियमित रूप से साफ रखें। अगर घर में एक से ज्यादा पक्षी हैं और किसी एक तोते में चोंच या चेहरे पर असामान्य पपड़ी दिखाई दे रही है, तो संक्रमण या परजीवी की संभावना को देखते हुए दूसरे पक्षियों पर भी नजर रखें।
सबसे जरूरी बात यह है कि चोंच की सफेद परत को खुद से खुरचकर निकालने या काटने की कोशिश न करें। चोंच को नुकसान पहुंच सकता है और खून भी निकल सकता है। किसी भी दवा, क्रीम या एंटी-पैरासाइट उपचार का इस्तेमाल बिना एवियन वेटरिनेरियन की सलाह के न करें।
कब डॉक्टर को दिखाएं?
अगर सफेद परत मोटी होती जा रही है, कई दिनों तक बनी हुई है, नथुनों या चेहरे तक फैल रही है या तोते के व्यवहार और खाने-पीने में बदलाव आया है, तो पक्षी विशेषज्ञ पशु चिकित्सक से जांच करवाना बेहतर है। सही कारण पता चलने के बाद ही उचित उपचार किया जा सकता है।
तोते की चोंच पर हल्का सूखापन कभी-कभी सामान्य हो सकता है, लेकिन मोटी सफेद पपड़ी, चोंच का असामान्य बढ़ना या चेहरे पर पपड़ी परजीवी संक्रमण समेत अन्य समस्याओं का संकेत हो सकती है। इसलिए बदलाव लगातार दिखाई दे तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय विशेषज्ञ से जांच करवाएं।