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Budgerigar Care: बजरीगर दिखने में बेहद खूबसूरत और प्यारा पक्षी होता है। अपने रंग-बिरंगे पंखों, चंचल स्वभाव और इंसानों की आवाज की नकल करने की क्षमता के कारण यह लोगों के पसंदीदा पेट बर्ड्स में शामिल है। यही वजह है कि कई लोग इसे अपने घर में पालना पसंद करते हैं। हालांकि, बजरीगर को घर लाना जितना आसान लगता है, उसकी सही देखभाल करना उतना ही जिम्मेदारी भरा काम है।
अगर आप भी बजरीगर पालने की सोच रहे हैं तो कुछ जरूरी बातें पहले जान लेना बेहद जरूरी है। सही खानपान से लेकर पिंजरे की व्यवस्था और उसकी सेहत का ध्यान रखने तक, कई ऐसी बातें हैं जिन्हें नजरअंदाज करने पर पक्षी बीमार पड़ सकता है। आइए जानते हैं बजरीगर पालने से पहले किन 7 बातों का ध्यान रखना चाहिए।
1. बजरीगर को छोटे पिंजरे में न रखें
बजरीगर एक एक्टिव पक्षी है, जिसे उड़ने, खेलने और अपने पंख फैलाने के लिए पर्याप्त जगह चाहिए। इसलिए उसे कभी भी बहुत छोटे पिंजरे में नहीं रखना चाहिए। पिंजरा इतना बड़ा होना चाहिए कि वह आसानी से अपने पंख फैला सके और एक डंडे से दूसरे डंडे तक उड़ सके। पिंजरे में अलग-अलग मोटाई वाली सुरक्षित बैठने की लकड़ियां और खेलने के लिए कुछ खिलौने भी रख सकते हैं। ध्यान रखें कि पिंजरे की सलाखों के बीच इतनी दूरी न हो कि पक्षी का सिर फंस जाए।
2. बजरीगर के खानपान का रखें खास ध्यान
बजरीगर को स्वस्थ रखने के लिए उसका खानपान सबसे महत्वपूर्ण है। बहुत से लोग इसे सिर्फ बाजरा और बीज खिलाते हैं, लेकिन केवल बीजों पर निर्भर रहना उसकी सेहत के लिए अच्छा नहीं है। उसे संतुलित डाइट देनी चाहिए, जिसमें अच्छी गुणवत्ता वाले पेलेट्स, हरी पत्तेदार सब्जियां और सीमित मात्रा में सुरक्षित फल शामिल हों।
आप बजरीगर को गाजर, ब्रोकली, पालक और थोड़ी मात्रा में सेब जैसे खाद्य पदार्थ दे सकते हैं। वहीं, एवोकाडो, चॉकलेट, कैफीन और शराब जैसी चीजें उसके लिए जहरीली हो सकती हैं। इन्हें भूलकर भी न खिलाएं।
3. बजरीगर को अकेला छोड़ने से बचें
बजरीगर सामाजिक स्वभाव का पक्षी है। उसे अपने आसपास किसी साथी की मौजूदगी और लोगों से बातचीत पसंद होती है। अगर आप उसे लंबे समय तक अकेला छोड़ देते हैं तो वह तनाव महसूस कर सकता है। ऐसे में उसके साथ रोजाना समय बिताएं और उससे प्यार से बात करें।
अगर आप लंबे समय तक घर से बाहर रहते हैं तो उसके लिए एक साथी रखने पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, दो पक्षियों को साथ रखने से पहले उनके स्वभाव, लिंग और आपसी तालमेल का ध्यान रखना जरूरी है।
4. साफ-सफाई का रखें पूरा ध्यान
बजरीगर का पिंजरा साफ रखना उसकी अच्छी सेहत के लिए बेहद जरूरी है। गंदे पिंजरे में बैक्टीरिया और फंगस पनप सकते हैं, जिससे पक्षी को संक्रमण होने का खतरा रहता है। रोजाना पिंजरे के नीचे जमा बीट और बचे हुए खाने को साफ करें। उसके पानी और खाने के बर्तनों को भी नियमित रूप से धोएं।
इसके अलावा, पिंजरे की ट्रे और बैठने वाली लकड़ियों की समय-समय पर अच्छी तरह सफाई करें। सफाई के लिए तेज गंध वाले केमिकल का इस्तेमाल न करें।
5. बजरीगर को पर्याप्त नींद देना जरूरी
इंसानों की तरह बजरीगर के लिए भी पर्याप्त नींद जरूरी होती है। उसे रोजाना लगभग 10-12 घंटे शांत और अंधेरे वातावरण में सोने का मौका देना चाहिए। रात में टीवी, तेज म्यूजिक और अचानक होने वाले शोर से उसे परेशानी हो सकती है।
अगर पक्षी की नींद पूरी नहीं होती है तो वह चिड़चिड़ा हो सकता है और उसके व्यवहार में बदलाव दिखाई दे सकता है। इसलिए उसके पिंजरे को रात में किसी शांत जगह पर रखें।
6. तापमान और वातावरण का रखें ध्यान
बजरीगर को ऐसे वातावरण में रखना चाहिए, जहां अचानक तापमान में बदलाव न हो। उसे सीधे ठंडी हवा, तेज गर्मी और एसी की सीधी हवा से बचाएं। गर्मियों में पिंजरे को ऐसी जगह रखें जहां पर्याप्त हवा आती हो, लेकिन सीधी धूप न पड़े।
सर्दियों में उसे ठंड से बचाने के लिए पिंजरे को खिड़की और दरवाजे से दूर रखें। पिंजरे को पूरी तरह ढककर हवा का रास्ता बंद न करें। इसके अलावा, रसोई के धुएं, अगरबत्ती, परफ्यूम और नॉन-स्टिक बर्तनों से निकलने वाले धुएं से भी बजरीगर को दूर रखना चाहिए। ये उसके श्वसन तंत्र के लिए खतरनाक हो सकते हैं।
7. बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज न करें
बजरीगर अपनी परेशानी इंसानों की तरह बता नहीं सकता। इसलिए उसके व्यवहार और शारीरिक बदलावों पर नजर रखना जरूरी है। अगर वह लगातार पंख फुलाकर बैठता है, खाना कम कर देता है, सुस्त रहता है, उसकी बीट में बदलाव आता है या उसे सांस लेने में परेशानी होती है तो यह बीमारी का संकेत हो सकता है।
ऐसे लक्षण दिखाई देने पर घरेलू नुस्खे अपनाने के बजाय तुरंत पक्षियों के इलाज में विशेषज्ञ पशु चिकित्सक (Avian Vet) से संपर्क करें। बजरीगर की नियमित स्वास्थ्य जांच भी करवाते रहें।
बजरीगर पालने से पहले समझें अपनी जिम्मेदारी
बजरीगर सिर्फ घर की खूबसूरती बढ़ाने वाला पक्षी नहीं है, बल्कि उसे भी देखभाल, समय और प्यार की जरूरत होती है। उसे घर लाने से पहले उसके रहने, खाने और स्वास्थ्य से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं कर लें। सही वातावरण और अच्छी देखभाल मिलने पर बजरीगर एक खुशहाल और स्वस्थ जीवन जी सकता है।